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unique news: मामा के कहने पर भांजे कर रहे थे अवैध वसूली, पुलिस ने पकड़ा

हाइवे पर पार्किंग की अवैध वसूली करने वाले गिरफ्तार, बस स्टैंड परिसर की पार्किंग के नाम पर चल रहा था अवैध कारोबार  

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Illegal recovery agents arrested

Illegal recovery agents arrested

सतना. बस स्टैंड परिसर की ऑटो पार्किंग के नाम पर हाइवे पर वसूली करने वाले दो नकाबपोशों को शुक्रवार को कोलगवां थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह अपने मामा के कहने पर ऑटो चालकों से पार्किंग की वसूली करते थे। जब पुलिस ने आरोपियों के मामा को तलब किया तो वह भी नगर निगम से जारी ठेके कीअनुमति के संबंध में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। ऐसे में दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 151 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई की गई है।

मुंह में कपड़ा बांधे रहते थे
नगर निगम द्वारा बस स्टैंड परिसर में ऑटो पार्किंग का ठेका 7.55 लाख रुपए में तेजबली यादव को मिला है। निविदा शर्तों के मुताबिक ठेकेदार बस स्टैंड परिसर में आने वाले ऑटो से ही पार्किंग शुल्क वसूल सकता है। लेकिन यहां कई महीनों से ठेकेदार तेजबली द्वारा अपने गुर्गों के माध्यम से नेशनल हाइवे पर चलते वाहनों से पार्किंग की वसूली करवाई जा रही थी। उसके गुर्गे मुंह बांध कर गुंडों की तरह चलते ऑटो में कूद कर बैठ जाते थे और चालक से पार्किंग शुल्क वसूल कर उतरते थे। वसूली सिंधु विद्यालय के सामने से शुरू कर दी जाती थी।


टीआई की सक्रियता हुई गिरफ्तारी
हाइवे पर पार्र्किंग की अवैध वसूली का मामला पत्रिका में प्रकाशित होने पर कोलगवां कोतवाल अशोक सिंह ने दूसरे ही दिन उस लगाम लगा दी। मौके पर अवैध वसूली कर रहे दो युवकों रजत यादव उर्फ रज्जी पिता शीतल प्रसाद यादव (20) तथा पुष्पेन्द्र यादव पिता जयराम यादव (35) दोनों निवासी कुतरियन पाती बृजपुर जिला पन्ना को गिरफ्त में ले लिया।


मामा करवा रहा था अवैध कारोबार
दोनों आरोपियों ने बताया कि यह काम उनका मामा तेजबली यादव करवा रहा था। इसी दौरान मामा तेजबली भी थाने पहुंचा। उसने बताया कि निगम की पार्किंग का ठेका है। कोलगवां पुलिस ने पूछा कि ठेके और ठेका स्थल से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करो, जिसे ठेकेदार प्रस्तुत नहीं कर सका। निगम द्वारा बताया गया कि हाइवे पर पार्किंग शुल्क वसूलने का कभी भी ठेका नहीं दिया गया है।


नहीं लगाया सूचना पटल
मामले में निगम भी दोषी है। निगम द्वारा ठेका स्थल पर बकायदे बोर्ड लगा कर पार्किंग स्थल तय करना चाहिए और यहां विधिवत पार्किंग शुल्क, ठेके की अवधि और ठेकेदार का नाम उल्लेखित किया जाना चाहिए। लेकिन यहां ऐसा नहीं किया जा रहा है।