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एक आदमी की तीन पत्नियां, साथ मनाती हैं तीज-त्योहार, सुखी जीवन के दिए ये टिप्स

मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सीमा स्थित चित्रकूट में दस साल से साथ रह रही हैं तीन सगी बहन। सामंजस्य की अनूठी कहानी

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सतना

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Suresh Mishra

Oct 11, 2017

unique polygamy case of chitrakoot : hindu Man have three wives

unique polygamy case of chitrakoot : hindu Man have three wives

सतना। सतयुग और त्रेतायुग में आपने एक पति की तीन पत्नियां या फिर एक पत्नी के पांच पति की बातें खूब सुनी होंगी। लेकिन कलयुग में एक पति की तीन पत्नियां वो भी सगी बहनें इस तरह के मामले नहीं सुने होंगे। हम आपको ऐसा ही कुछ मामला बताने जा रहे है। जहां एमपी-यूपी सीमा स्थित चित्रकूट में एक ऐसा व्यक्ति है जिसकी तीन पत्नियां है। वो भी एकदम हिल-मिलकर रहती है।

प्रेम इस तरह कि शादी के बाद शोभा, रीना और पिंकी नाम की इन तीनों बहनों ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की बकाया डिग्री भी ले रखी है। तीनों बहनों ने १० वर्ष पहले एक साथ पति के रूप में कृष्णा को स्वीकार किया था। पत्नियां अपने पति को भगवान की तरह दशरथ का अवतार मानती है।

दुनिया का अजीबो गरीब मामला
मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के चित्रकूट की तीन बहनों ने एक ही युवक से शादी कर खुशी-खुशी जीवन न केवल व्यतीत कर रही है। बल्कि सुहाग का त्योहार करवा चौथ भी एक साथ ही मनाती है। हालांकि दुनिया में इस तरह एक साथ ३ पत्नियां वो भी बिना किसी लड़ाई-झगड़ के साथ में रहना मुमकिन नहीं है। इस तरह तीन बहनों का एक साथ दंपति जीवन व्यतीत करना दुनिया में अजीबो गरीब केस कहा जा सकता है।

दशरथ को मानती हैं आदर्श
श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या और तपोभूमि चित्रकूट का कितना गहरा नाता है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अयोध्या के राजा दशरथ को आदर्श मानकर चित्रकूट की तीन सगी बहनों ने एक ही युवक से न केवल शादी की बल्कि सुहाग के पर्व करवा चौथ को भी कई वर्षों से मिलजुलकर मनाती आ रही है। पश्चिम सभ्यता के बढ़ते चलन के चलते जहां भारत में सयुक्त परिवारों की प्राचीन परंपरा का अस्तित्व खत्म होने की कगार पर है। वहीं तीनों बहनों ने 10 साल शादी चलाकर समाज को नया संदेश दिया है।

समाज की कही बातों को झूठलाया
रहवासियों ने बताया कि तीनों का विवाह 10 साल पहले उस वक्त चर्चा में आया था जब तीनों ने कृष्णा के साथ शादी की थी। शादी के बाद नाते-रिश्तेदार ताने तक देने लगे। चौतरफा कृष्णा के परिवार को लोग बुरी नजर से देखने लगे। तब यह कहा गया कि यह विवाह ज्यादा दिन तक नहीं चल सकता लेकिन तीनों बहनों ने परिवार और समाज की कही बातों को झूठला दिया। तीनों ने कृष्णा के साथ शादी कर न सिर्फ उनके साथ पूरे समर्पण के साथ जीवन बिता रही है बल्कि उसे भगवान की तरह पूजती भी है।

तीनों बहनों के दो-दो बच्चे
10 साल के वैवाहिक जीवन में अब तक तीनों बहनों के दो-दो बच्चे है। चित्रकूट में एक पति और इसकी तीन पत्नियों वाला यह परिवार कुछ न होने के बाद भी खुद को सतयुग और त्रेतायुग के राजा महाराजाओं जैसा मानता है। पूरा परिवार कांशीराम कालोनी लोढवारा में खुशी-खुशी रह रहा है।

इच्छाओं का काबू रखना सीखा
चित्रकूट में रहने वाली तीनों सगी बहनें अपने पति को सामान्य व्यक्ति नहीं बल्कि दिव्य पुरुष मानती है। इन बहनों का कहना है कि महाकाली से मिली शक्ति के दम पर दुनिया को यह दिखा देना चाहती है कि आज भी अगर स्त्रियां आपनी इच्छाओं का काबू रखना सीख लें तो किसी सामान्य पुरुष को भी दशरथ जैसा महाराजा बनाया जा सकता है।

बहुत कम है भारत में ऐसे केस
चित्रकूट के इस अनूठे परिवार के घर की कहानी वास्तव में अनूठी ही नहीं बल्कि लोगों में अच्छा संदेश भी देती है कि परिवार को सिर्फ प्रेम और आपसी सामांजस्य से चलाया जा सकता है। जहां एक महिला अपने प्यार को बांटने में गुरेज करती है वहीं इन तीनों बहनों ने एक पति को ही अपना जीवन साथी चुना, ये अपने आप में आश्चर्य है।

'किस-किसको प्यार करूंÓ
कमेडी किंग कपिल शर्मा की फिल्म 'किस-किसको प्यार करूंÓ की तरह ही चित्रकूट की तीनों बहनों की एक जैसी कहानी है। जो करवा चौथ के दिन तीनों बहनें अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं और रात में चन्द्रमा निकलने पर सोलह श्रृंगार कर एक साथ पूजा कर भगवान से हर जन्म में चारों को एक साथ फिर से जीवन साथी बनान की कामना करती हैं।