
सतना। सितम्बर में बारिश का रिकार्ड तोडऩे के बाद आखिरकार अक्टूबर के पहले सप्ताह में मानसूनी बादल आसमान से छंटने लगे हैं। दो दिन झमाझम बरस कर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार को विंध्य से विदाई ले ली। मानसूनी बादल छंटने से अब आगे बारिश की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार से राहत की धूप खिलेगी। दिन में मौसम साफ रहेगा और तेज धूप निकलने से लोगों को उमसभरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
गुरुवार को दिनभर आसमान पर बादलों की चाल बनी रही। सुबह कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हुई। दोपहर बाद बादल छंटने से शाम को आसमान साफ हो गया। कांस में सफेद फूल निकल आए हैं जो वर्षा ऋतु समाप्त होने का संकेत दे रहे हैं। दिन का अधिकतम तापमान 29.8 डिसे तथा न्यूनतम 22.7 डिसे दर्ज किया गया। सुबह बादल छाने के कारण वातावरण में 90 फीसदी नमी रही, जो शाम को घटकर 70 पर आ गई।
विंध्य क्षेत्र में कम हुई बारिश
मध्यप्रदेश में इस बार अच्छी और अधिक बारिश हुई है। कई जिलों को बाढ़ का भी सामना करना पड़ा है। हालांकि विंध्य क्षेत्र में अगले वर्ष के औसत से इस वर्ष बारिश ज्यादा हुई है। लेकिन प्रदेश के अन्य जिलों से यदि तुलना की जाए तो विंध्य क्षेत्र के सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर अछूते है। ऐसे में मौसम विज्ञानिकों ने कहा है कि 14 अक्टूबर के बाद ही मानसून की विदाई संभव है। हालांकि 12 अक्टूबर तक रुक-रुककर भारी बारिश का दौर चलता रहेगा। इसके बाद धीरे-धीरे हल्की बारिश के साथ मानसून की विदाई हो जाएगी।
जिले में सामान्य रहा मानसून
सितंबर के आखिरी सप्ताह में हुई तेज बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है। इसके बावजूद जिले में मानसून सामान्य रहा। 1 जून से 2 अक्टूबर तक 985.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है जो सामान्य रही। इस दौरान जिले की पांच तहसीलों में सामान्य से अधिक तो पांच तहसीलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार रघुराजनगर तहसील में 1164.2 मिमी, मझगवां में 727, बिरसिंहपुर में 630 मिमी, रामपुर बघेलान में 1045, नागौद में 807.7, उचेहरा में 1203, मैहर में 723, अमरपाटन में 1199 तथा रामनगर तहसील में 1367 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई।
Published on:
04 Oct 2019 01:07 pm
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