
पिछले दिनों लावारिस मिली जुड़वां बालिकाएं।
लेकिन पुलिस अब तक इनका रिकॉर्ड तक नहीं जुटा सकी, शहर में मिली जुड़वा नवजात बालिकाओं का मामला, डीएनएन के लिए लावारिस बालिकाओं का लिया रिक्त का सेंपल
सवाईमाधोपुर. शहर के पुराने खण्डार बस स्टैण्ड पास गत दिनों देर रात हथठेले पर मिली 20 दिन की दो जुड़वा नवजात बालिकाओं का डीएनए टेस्ट कराने के लिए पुलिस ने बुधवार को खून के नमूने लिए है। जिला अस्पताल चौकी पुलिस के अनुसार डीएनए करवाकर उनके माता-पिता के बारे में पता लगाने के प्रयास किए जाएंगे। उधर, पुलिस अस्पताल में जन्मी जुड़वा बालिकाओं का रिकॉर्ड अब तक जुटा नहीं सकी है।
वहीं पत्रिका टीम ने जिला अस्पताल से आंकड़े जुटाए। जिला अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले तीन माह में 11 महिलाओं ने 22 जुड़वा बालिकाओं को जन्म दिया है। इन सबकी जिला अस्पताल की मातृ एवं शिशु यूनिट में सूचना उपलब्ध है। यह पुलिस चौकी से 20 कदम की दूरी पर है।
किस माह में कितने जुड़वां
मातृ एवं शिशु यूनिट प्रभारी महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. महेन्द्र जैन ने बताया कि अस्पताल में जून माह में कुल 728 प्रसव हुए। इनमें 7 महिलाओं ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। इनमें से तीन महिलाओं ने जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। इसी क्रम में जुलाई माह में 881 प्रसव हुए। आठ महिलाओं ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। इनमें से 3 महिलाओं के जुड़वा बच्चियां हुई।
इसी क्रम में एक अगस्त से 21 अगस्त तक कुल 638 प्रसव हुए। इनमेंं 6 महिलाओं ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। इनमें से 5 महिलाओं ने बालिकाओं को जन्म दिया। हालांकि पुलिस ने अभी तक जिला अस्पताल में जन्मी बालिकाओं के बारे में पुलिस ने जांच कर वास्तविक स्थिति का पता लगाने का प्रयास नहीं किया है।
पुलिस को नहीं मिले आंकड़े
जांच अधिकारी जिला अस्पताल चौकी प्र्रभारी ने बताया कि उन्होंने जिला मुख्यालय पर गत एक माह सरकारी व निजी अस्पताल में जन्में जुड़वा बच्चों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए सीएमएचओ व पीएमओ को पत्र लिखा है। बालिकाओं को मिले पांच दिन हो गए है, लेकिन पुलिस को चिकित्सा विभाग व अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है।
जबकि अस्पताल परिसर में ही दोनों विभाग होने के बाद भी एक माह में जन्मी जुड़वा नवजात बालिकाओं के जन्म की सूचना उपलब्ध कराने में देरी करना समझ से बाहर है। चौकी प्रभारी ने बताया कि दोनों नवजात मातृ एवं शिशु यूनिट अस्पताल की एसएयसीयू यूनिट में है।
गौरतलब है कि शुक्रवार रात करीब 3 बजे बालिकाओं को कोई अज्ञात पुराने खण्डार बस स्टैण्ड पर हथठेले पर छोड़कर चला गया। बालिकाओं की रोने की आवाज सुनकर गत कर रहे पुलिसकर्मियों ने एम्बुलेंस 108 की मदद से उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
इनका कहना है..
शहर में मिली नवजात बालिकाओं का डीएनए टेस्ट कराने के लिए खून के नमूने लिए है। डीएनए टेस्ट के बाद उनके माता-पिता के बारे में जानकारी करने के प्रयास करेंगे। जिला अस्पताल सहित जिलेभर में पिछले एक माह में जन्मे नवजात लड़कियों के जन्म का रिकॉर्ड लेकर उनकी जांच की जाएगी।
हरिमोहन चौधरी,अस्पताल चौकी प्रभारी सवाईमाधोपुर।
Published on:
23 Aug 2018 06:10 am
