
बैठक में शामिल दूध देने वाले किसान एवं दूध विक्रेता। (फोटो-पत्रिका)
सवाई माधोपुर। पशुपालन महंगा होने के चलते दूध के दाम बढ़ाने का फैसला किया गया है। चौथ का बरवाड़ा में दूध देने वाले किसानों और दूध विक्रेताओं की बैठक में एक सितंबर से दूध 80 रुपए प्रति लीटर और भैंस का घी 1500 रुपए प्रति किलो बेचने पर सहमति बनी। वहीं 1 से 3 सितंबर तक दूध की सप्लाई बंद रखने का निर्णय लिया गया है। तय निर्णय का उल्लंघन करने पर 2100 रुपए जुर्माना लगाने पर भी सहमति बनी।
चौथ का बरवाड़ा कस्बे के शिव मंदिर पार्क में रविवार को दूध देने वाले किसानों एवं दूध विक्रेताओं की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पशुपालन की बढ़ती लागत, पशु आहार, चारा और अन्य जरूरी सामग्री के लगातार बढ़ते दामों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बढ़ती लागत के कारण पशुपालकों को हो रहे आर्थिक नुकसान को देखते हुए दूध और घी के नए भाव निर्धारित करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।
बैठक में तय किया गया कि एक सितंबर से दूध का नया भाव 80 रुपए प्रति लीटर रहेगा। इसके अलावा भैंस के घी का भाव 1500 रुपए प्रति किलो निर्धारित करने पर सहमति बनी। नए भाव लागू करने से पहले 1 से 3 सितंबर तक दूध की सप्लाई बंद रखने का फैसला भी लिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि निर्धारित निर्णय का उल्लंघन करने वाले पर 2100 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
दूध विक्रेताओं ने बताया कि पशु आहार, चारा-दाना और पशुपालन से जुड़े अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य मिलना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए दूध के भाव में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया। बैठक में दूध की गुणवत्ता बनाए रखने और दूध विक्रेताओं के बीच आपसी समन्वय मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में दूध विक्रेताओं की नवीन कार्यकारिणी का भी सर्वसम्मति से गठन किया गया। रामजीलाल गुर्जर को अध्यक्ष, मुरारी को उपाध्यक्ष, मैनेजर नागर को कोषाध्यक्ष और पनुलाल सैनी को सचिव बनाया गया। भरतलाल और रामप्रसाद को सदस्य, गिर्राज को महासचिव, बीरबल और विजय को सहसचिव, बुधराज को मीडिया प्रभारी तथा हनुमान को सोशल मीडिया प्रभारी बनाया गया। हेवराज गुर्जर को विधि सलाहकार और कालूराम गुर्जर को सलाहकार मनोनीत किया गया।
Updated on:
30 Aug 2026 04:49 pm
Published on:
30 Aug 2026 04:49 pm
