
मंत्री किरोड़ीलाल मीणा, फोटो- पत्रिका नेटवर्क
Kirori Lal Meena: उत्तराखंड के चमोली जिले के गरुड़ गांव के पास अतिवृष्टि और भूस्खलन के कारण सवाई माधोपुर, राजस्थान के 210 श्रद्धालु पिछले तीन दिनों से फंसे हुए हैं। ये श्रद्धालु केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन के लिए सात बसों में सवार होकर उत्तराखंड गए थे, लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण उनका मार्ग अवरुद्ध हो गया।
इस स्थिति की जानकारी मिलते ही राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फंसे हुए यात्रियों से संपर्क किया और उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
जानकारी के अनुसार, सवाई माधोपुर से यह तीर्थयात्री 7 बसों में सवार होकर उत्तराखंड के लिए रवाना हुए थे। चमोली जिले के गरुड़ गांव के पास भारी बारिश और भूस्खलन के कारण रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। पहाड़ों से गिरे मलबे ने सड़क को अवरुद्ध कर दिया, जिसके चलते ये यात्री पिछले तीन दिनों से फंसे हुए हैं। राहत की बात यह है कि सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन अवरुद्ध मार्ग के कारण उनकी आगे की यात्रा रुकी हुई है।
डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को जैसे ही इस स्थिति की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत कार्रवाई शुरू की। उन्होंने फंसे हुए यात्रियों से फोन पर बात की और उनकी स्थिति का जायजा लिया। यात्रियों को ढांढस बंधाते हुए उन्होंने जल्द से जल्द सहायता पहुंचाने का वादा किया।
इसके साथ ही, उन्होंने मौके पर तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के कमांडेंट धर्मेंद्र से भी संपर्क किया और सभी यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। डॉ. मीणा लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर रहे हैं ताकि यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके।
बताते चलें कि हाल ही में उत्तराखंड में त्रासदी के कई वीडियो सामने आए हैं। वीडियो में बद्रीनाथ और राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन की गंभीर स्थिति नजर आ रही है, जिसमें पहाड़ से पत्थरों की बारिश हो रही थी। एक यात्री द्वारा बनाए गए इस वीडियो में दिखा कि जैसे ही पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गिरा, लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस भूस्खलन के कारण सड़क पर हजारों टन मलबा जमा हो गया, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया।
Updated on:
09 Aug 2025 01:05 pm
Published on:
09 Aug 2025 01:05 pm
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