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रणथम्भौर में हर साल बढ़ रहा 25 प्रतिशत पर्यटन

वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट की रिपोर्ट में हुआ खुलासा प्रवेश शुल्क से कमाए 24 करोड़ रुपए

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सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में हर साल पर्यटन में इजाफा हो रहा है हाल ही में वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट की ओर से बनाई गई एक रिपोर्ट में हुआ है। पर्यटन बढऩे के साथ ही सरकार के राजस्व में भी वृद्धि हो रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में वार्षिक 217 करोड़ रुपए की बढोतरी हो रही है । प्रसिद्ध टाइगर इकोलॉजिस्ट रघु चुंडावत ने हाल ही जारी अपनी रिपोर्ट में यह खुलासा करते हुए कहा है कि यह सफल संरक्षण की शानदार कहानी है। सभी बाघ अच्छे से हैं और पर्यटन इसकी सफलता सुनिश्चित करने में सकारात्मक साबित हुआ है।
प्रवेश शुल्क के रूप में कमाए 20 करोड़
रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि रणथम्भौर में गत पर्यटन सीजन में पार्क भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों से पार्क में प्रवेश शुल्क के नाम पर ही वन विभाग को 20 करोड़ की आय हुई है। रणथम्भौर पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। यहां हर साल 20 प्रतिशत तक पर्यटन में वृद्धि हो रही है।
70 फीसदी लोगों को मिलता है रोजगार
पर्यटन में वृद्धि होने के साथ रणथम्भौर में रोजगार के साधन व संभावनाओं में भी इजाफा हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार रणथम्भौर में 2000 से अधिक लोगों को पर्यटन से रोजगार मिला है। यहां सभी प्रकार की सेवाओं में 70 फीसदी स्थानीय लोग रोजगार कर रहे हैं। अगर प्रदेश भर की बात की जाए तो यह आंकड़ा बढ़कर 90 प्रतिशत हो जाता है।
इसलिए है पर्यटकों को पसंद
रणथम्भौर बाघों की अठखेलियां देखने के लिए पर्यटकों की पहली पसंद है। यहां की कनेक्टिविटी बड़े शहरों से अन्य राष्ट्रीय अभयारण्यों की तुलना में अच्छी है। पार्क में बाघों की संख्या बढऩे के कारण यहां बाघों की साइटिंग भी अन्य अभयारण्यों की तुलना में आसानी से होती है।
जोड़ो रणथम्भौर....
यूं बढ़ा रणथम्भौर में आय का ग्राफ
वर्ष आय
2015 14 करोड़
2016 16 करोड़
2017 20 करोड़
2018 34 करोड़
यह है अन्य पार्को की गत वर्ष की आय
पार्क आय
बांधवगढ़ 3.8 करोड़
तोबाड़ा 5.0 करोड
पेंच 4.0 करोड
इनका कहना है....
रणथम्भौर में पर्यटन में हर साल वृद्धि हो रही है। यह अच्छी खबर है। हमारा प्रयास इसमें आगे भी वृद्धि करने का होगा।
- अजीत सक्सेना, उपवन संरक्षक(पर्यटन), रणथम्भौर।

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