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VIDEO: सार संभाल के अभाव में नष्ट हो गए 90 फीसदी पौधे

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जिन्हे वितरित किया जाना है।

सवाईमाधोपुर आलनपुर स्थित सामाजिक वानिकी नर्सरी में रखे पौधे, जिन्हे वितरित किया जाना है।

सवाई माधोपुर . मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत प्रथम चरण में जल ग्रहण व पंचायती राज विभाग द्वारा लगाए गए पौधों का जीवन संकट में है। जिला परिषद की ओर से पौधों की सार संभाल के लिए बजट आवंटित किए बिना ही वन विभाग को हैंडओवर कर जिम्मेदारी से पीछा छुड़ा लिया। ऐसे में बजट के अभाव में अब ये पौधे नष्ट होने के कगार पर है। सार संभाल के अभाव में पौधरोपण अभियान के सार्थक परिणाम को ग्रहण लगता नजर आ रहा है।


सामाजिक वानिकी को हैण्डओवर
जल स्वावलंबन अभियान के तहत प्रथम चरण में जिले में विभिन्न किस्म के 37 हजार 972 पौधे लगाए गए थे। लेकिन सार संभाल के अभाव में इनमें से करीब 90 फ ीसदी पौधे नष्ट हो गए। केवल 11 फीसदी पौधे ही जीवित बचे है। वन विभाग द्वारा लगाए गए 1790 पौधों के अलावा 36 हजार 182 में से जीवित बचे 2 हजार 611 पौधों को अब सार संभाल के लिए जिला परिषद ने सामाजिक वानिकी विभाग को हैंडओवर किया है।


यह था मामला
जिला परिषद से प्राप्त जानकारी के अनुसार जल स्वावलंबन अभियान के प्रथम चरण में वर्ष 2016-17 में जिले में 37 हजार 972 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था। इनमें से सामाजिक वानिकी विभाग की नर्सरियों से 31 हजार 445 पौधे पंचायती राज विभाग को तथा 4 हजार 737 पौधे जल ग्रहण विभाग को वितरित किए गए थे। इसके अलावा 1790 पौधे वन विभाग द्वारा लगाए गए थे।


97 हजार 200 पौधे लगाए
मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन के तहत द्वितीय चरण में वन विभाग ने जिले में 60 हजार पौधरोपण कराया। इसके अलावा तीसरे चरण में 37200 पौधे लगाए। तृतीय चरण के स्वीकृत सभी 161 कार्य करवाए गए। इसमें 214.30 लाख रुपएकी लागत आई।


संबंधित के पास नहीं जानकारी
जल स्वावलंबन अभियान के प्रथम चरण में पंचायती राज विभाग को कितने पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था। इनमें से कितने पौधे लगाए और कितने जीवित बचे। इस संबंध में जिला परिषद की पंचायत शाखा के प्रसार अधिकारी को कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने समाजिक वानिकी व वनविभाग के पास जानकारी होने के बात कहकरपल्ला झाड़ लिया।


ये बोले अधिकारी...
सामाजिक वानिकी के उपवन संरक्षक डॉ. सीआर मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन के तहत 16 कार्य करवाएं गए थे। जिनके कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र अपलोड कर दिए गए है। द्वितीय चरण के तहत कुल 43 कार्य 96.45 लाख रुपए के कार्य प्रस्तावित है। जिनमें से5 विभागीय कार्य राशि 7.20 लाख 32 कार्य एमजेएसए मद से 88.75 लाख व मनरेगा मद से 3.50 लाख के कार्य स्वीकृत हुए। अब तक 43 कार्य पूर्ण हो चुके है। सभी कार्यों के कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र अपलोड कर दिए गए है। जल स्वावलम्बन के प्रथम चरण के तहत कार्य योजना के अनुसार 37 हजरा 972 पौधों में से वन विभाग द्वारा लक्षित 1790 पौधे रोपित किए गए। तथा अन्य विभाग ल्क्षित 31 हजार 445 पौधो में से 1936 पौधे जीवित हैं। जल ग्रहण द्वारा लक्षित 4 हजार 737 पौधों में से 675 पौधे जीवित है। ऐसे में 2611 पौधे ही चार्ज में संभाले है।


मुख्यमंत्री जल स्वालम्बन अभियान के तहत गत वर्ष प्रथम चरण में लगाए गए पौधों की जानकारी वन विभाग के पास है। वहीं पता करें। हमारे पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है कि कितने पौधे लगाए है। तथा वर्तमान में कितने जीवित है। यह वन विभाग की जिम्मेदारी है।
पूरणमल गुप्ता, अधीक्षण अभियंता जल ग्रहण जिला परिषद सवाईमाधोपुर।

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