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कमजोर पढ़ाई का स्तर, उदयपुर, कोटा, चित्तौडगढ़़ जैसे जिले भी पिछड़े
सवाईमाधोपुर. प्रदेशभर में सरकारी स्कूलों में शैक्षिक स्तर को सुधारने के लिए भले ही सरकार व शिक्षा विभाग की ओर दावे किए जा रहे हो लेकिन हकीकत कुछ ओर है। पहली बार पांचवीं बोर्ड परीक्षा अनिवार्य होते ही जिले में प्रारंभिक शिक्षा तंत्र की पोल खुलकर सामने आ गई है। प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में सवाईमाधोपुर जिला 18 जिलों से पिछड़ते हुए 19वें पायदान पर आया।
प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन के नाम से 5वीं बोर्ड परीक्षा हुई। मई के प्रथम सप्ताह में जब परिणाम जारी हुआ था, तभी यह तस्वीर तो सामने आ गई थी कि गुणवत्ता की दृष्टि से हालात नाजुक है। प्रदेश के सभी जिलों के परिणाम की सूची तैयार की तो और चौंकाने वाली बात सामने आई है। गत दिनों राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर की ओर से जारी पांचवीं बोर्ड की रैकिंग में सवाईमाधोपुर जिला 19वें स्थान पर है, जबकि गंगानगर जिला टॉप पर है। यहां तक की प्रदेश की मॉनिटरिंग करने वाला बीकानेर जिला भी 20वें नम्बर पर रहा है।
नहीं हुए पूरे प्रयास : जिले के प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर में भी मध्यम स्तर पर आने से साफ हो गया है कि शिक्षकों के समय-समय पर प्रशिक्षण सहित अध्ययन-अध्यापन की दृष्टि से पूरे प्रयास नहीं हो रहे है।
निगरानी रखने वाले जिले पिछड़े : प्रदेश में सभी जिलों की शिक्षा क्षेत्र की देखरेख करने वाला बीकानेर जिला खुद पिछड़ गया है। श्रीगंगानगर, झालावाड़ एवं दौसा क्रमश: पहले दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे है, जबकि पड़ौसी जिला टोंक 22वें एवं करौली 16वें पायदान पर है।
ये है जिलेवार स्थिति
जिला रैंकिंग
श्रीगंगानगर 1
झालावाड़ 2
दौसा 3
भरतपुर 4
हनुमानगढ़ 5
अलवर 6
झुंझुनू 7
सीकर 8
भीलवाड़ा 9
डूंगरपुर 10
नागौर 11
चूरू 12
धौलपुर 13
जोधपुर 14
अजमेर 15
करौली 16
बाड़मेर 17
जयपुर 18
सवाईमाधोपुर 19
बीकानेर 20
पाली 21
टोंक 22
राजसमंद 23
जालोर 24
जैसलमेर 25
चित्तौडगढ़़ 26
बूंदी 27
कोटा 28
बारां 29
बांसवाड़ा 30
उदयपुर 31
प्रतापगढ़ 32
सिरोही 33
Published on:
18 Aug 2018 12:23 pm
