
Sawai Madhopur News : रणथम्भौर की तालेड़ा रेंज से कई दिनों से लापता बाघ कई दिनों की मेहनत के बाद ट्रेस हो गया है। इस बाघ की पहचान बाघ टी-80 यानी तूफान के रूप में हुई है। अब वन विभाग ने एहतियात के तौर पर मॉनिटरिंग बढ़ा दी है। वन विभाग के अनुसार 23 जनवरी की रात को बाघ वन विभाग के फोटो ट्रैप कैमरे में बनास नदी के क्षेत्र में कैद हुआ था। हालांकि फिलहाल बाघ का मूवमेंट रणथम्भौर बाघ परियोजना के अधीन आने वाले क्षेत्र में ही बना हुआ है। यह बाघ करीब 10 दिनों से लापता था। पूर्व में यह बाघ बनास नदी के आसपास देखा गया था। इसके बाद वन विभाग की ओर से बाघ को ट्रेस करने के लिए लगातार कई दिनों तक मॉनिटरिंग भी की गई थी, लेकिन वन विभाग के हाथ खाली ही रहे थे।
22 जनवरी को मिले थे पगमार्क
वन अधिकारियों ने बताया कि 22 जनवरी को भी ट्रेकिंग मेंं जुटी वन विभाग की टीम को बनास नदी के आसपास ही बाघ के पगमार्क मिले थे। इसके बाद ही विभाग की ओर से बाघ को ट्रेस करने के लिए एक बार फिर से प्रयास तेज किए गए और आखिरकार वन विभाग को सफलता मिली।
लम्बे समय तक करौली में रहा था बाघ
वन अधिकारियों ने बताया कि पिछले कई सालों से बाघ टी-80 यानी तूफान रणथम्भौर से बाहर है। यह बाघ कई सालों से रणथम्भौर के दूसरे डिवीजन करौली के कैलादेवी अभयारण्य में विचरण कर रहा है। हालांकि इस दौरान कई बार यह बाघ फिर से रणथम्भौर लौट आया है। पूर्व में यह बाघ रणथम्भौर की फलौदी रेंज में विचरण कर रहा था। इस बाघ की उम्र करीब 13 साल से अधिक बताई जा रही है।
इनका कहना है...
पूर्व में बनास नदी क्षेत्र में गायब हुआ बाघ ट्रेस हो गया है। इस बाघ की फोटो कैमरे में कैद हुई है। बाघ की पहचान टी-80 के रूप में हुई है। विभाग की ओर से लगातार मॉनिटरिंग कराई जा रही है।
- रामखिलाड़ी मीणा, क्षेत्रीय वनाधिकारी, तालेडा, रणथ्म्भौर बाघ परियोजना।
Published on:
25 Jan 2024 02:30 pm
बड़ी खबरें
View Allसवाई माधोपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
