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आधी रात को दुकान का शटर काटा…20 मिनट में चुरा लिए 40 लाख के फोन, अब घटना में पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

सवाईमाधोपुर स्थित मोबाइल स्टोर से अज्ञात चोरों ने विभिन्न कंपनियों के 90 एंड्रॉइड फोन अनुमानित कीमत 40 लाख रुपए, नकद 1.7 लाख रुपए की नकदी चुरा ले गए। अब पुलिस ने मामले पर बड़ा खुलासा किया है।

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Big revelation by police in theft of phone worth Rs 40 lakh in Sawai Madhopur

पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता

सवाईमाधोपुर। पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने बताया कि आरोपी राहुल जायसवाल पुत्र नमोनाथ प्रसाद जायसवाल एवं अनील कुमार यादव पुत्र लोरिक राय यादव निवासी घोड़ासन, जिला मोतीहारी पूर्वी चम्पारण बिहार है। उन्होंने बताया कि 30 मई की रात को बजरिया स्थित व्यापारी रितेश जैन के मोबाइल स्टोर से अज्ञात चोरों ने विभिन्न कंपनियों के 90 एंड्रॉइड फोन अनुमानित कीमत 40 लाख रुपए, नकद 1.7 लाख रुपए की नकदी चुरा ले गए।

वारदात का खुलासा करने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सिंह मीणा एवं शहर पुलिस उपाधीक्षक हेमेन्द्र शर्मा के सुपरविजन में मानटाउन थानाधिकारी राधारमन गुप्ता के नेतृत्व में विभिन्न टीमों का गठन किया गया। पुलिस की विभिन्न टीमों ने सीसीटीवी से संदिग्धों की पहचान की। पुलिस ने घोड़ासन पहुंचकर सीसीटीवी कैमरे में फुटेज खंगाले। वीडियो एवं तकनीकी आधार पर आरोपियों की पहचान की और वारदात को घोड़ासन गैंग के अंजाम देने की पुष्टि की।

चिह्नित चोरों की पहचान के बाद उनको पकड़ने के लिए तीन टीमें लगातार बिहार के चम्पारण, नई दिल्ली, गुडगांव गई। इस दौरान सहायक उप निरीक्षक अजीत मोगा को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर घोड़ासन गैंग के दो बदमाशों को गुड़गांव से दबोचने में सफलता हासिल की।

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मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करते बदमाश

घोड़ासन गैंग के तार उत्तर भारत में जुड़े हैं। यह गैंग मोबाइल की दुकान एवं शोरूम को निशाना बनाती है। खास बात यह है कि लाखों रुपए के मोबाइल चोरी करने वाले गैंग के सदस्य खुद कभी मोबाइल नहीं चलाते हैं। इसलिए पकड़ पाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना था।

विदेशों में बेचते थे मोबाइल

गैंग चोरी के मोबाइल को नेपाल, बांग्लादेश, वियतनाम, दुबई जैसे देशों मे बेचते हैं। पुलिस की दबिश होने पर गैंग के बदमाश नेपाल भाग जाते थे, क्योंकि नेपाल की दूरी घोड़ासन से करीब 10 किलोमीटर दूर ही है। बिहार के मातिहारी जिले का घोड़ासन थाना चोरी लूट डकैती की वारदात करने वाले बदमाशों के लिए बदनाम है। यहां दस साल के बच्चे से 50 साल की उम्र तक के वयस्क को अपराध का प्रशिक्षण दिया जाता है। गिरोह के लिए आरोपियों को चोरी का माल बेचने के लिए नेपाल बहुत आसान जगह है। आरोपी अब तक अलवर, करनाल, नागौर, केरल, नई दिल्ली में चोरी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं।

चोरी से पहले की थी रैकी

पुलिस के अनुसार घोड़ासन गैंग के सदस्य 24 व 25 मई को मोबाइल स्टोर की रैकी के लिए सवाईमाधोपुर आए थे। गैंग ने लक्ष्य निर्धारित कर घटना की रात को नई दिल्ली से सवाईमाधोपुर पहुंचे और तड़के चार बजे दुकान का शटर काटकर मात्र 15 से 20 मिनट में मोबाइल चुरा ले गए। पुलिस को गुमराह करने के लिए बदमाश दो ग्रुप में विभाजित हो गए। एक गैंग कोटा की तरफ और दूसरी गैंग नई दिल्ली की तरफ चली गई। प्रारभिक पूछताछ के दौरान आठ से नौ सदस्यों ने इस वारदात को अंजाम दिया था। वारदात में लिप्त अन्य सदस्यों को गिरफ्तार करने एवं मोबाइल बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।

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