
करमोदा स्थित केवीके में रखी सॉयल टेस्टिंग मशीन।
सवाईमाधोपुर. करमोदा स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र के अधिकारी-कर्मचारी बिजली की आवाजाही से परेशान है। मृदा परीक्षण केन्द्र की लैब पर ताला पड़ा हुआ है। विद्युत आपूर्ति के समय ही नमूनों की जांच की जाती है। प्रतिदिन महज आठ से नौ मिट्टी जांच के सैम्पल लिए जाते हैं, जबकि विद्युत आपूर्ति सुचारू होने पर 15 सैम्पल प्रतिदिन लिए जा सकते हैं।जिले भर के किसानों को मिट्टी के उर्वरकों की जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गत साल करमोदा स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र पर सॉयल टेस्टिंग लैब शुरू की गई थी, लेकिन इन दिनों यहां विद्युत कटौती बैरन बनी है। यहां 24 घंटे में से महज 14 से 15 घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है।
24 घंटे बाद आई बिजली : कृषि विज्ञान केन्द्र अधिकारियों ने बताया कि सिटी फेज से कनेक्शन होने के बावजूद यहां मनमर्जी से बिजली काटी जा रही है। गत मंगलवार को सुबह 11 बजे बिजली गई थी। इसके बाद बुधवार सुबह 12 बजे बिजली आई। यहां बिजली के तार टूट से आपूर्ति बंद हो गई थी। कार्मिकों ने ढिलाई के चलते दूसरे दिन बिजली आपूर्ति बहाल की।
मंगवाई थी दो मशीन : कृषि विज्ञान केन्द्र में गत साल मार्च में करीब 86 हजार रुपए की दो सॉयल टेस्टिंग मशीन मंगवाई गई थी। इसके बाद से यहां सॉयल टेस्टिंग लैब की शुरूआत हो गई थी। करमोदा, सूरवाल व आस-पास गांव के किसान मिट्टी की जांच कराने के लिए केवीके आते हैं। सॉयल टेस्टिंग मिनी लैब की सहायता से मिट्टी में मौजूद जिपस्म, फास्फोरस, पोटाश आदि तत्वों की जांच की जाती है।
ये उपकरण है लैब में : केवीके की लैब में फिलहाल सॉयल टेस्टिंग मिनी मशीन, हॉट प्लेट व विभिन्न प्रकार के कैमिकल मौजूद है। इनका उपयोग अलग-अलग होता है।
इन दिनों बिजली आपूर्ति महज 15 से 16 घंटे ही हो पा रही है। ऐसे में प्रतिदिन आठ ही सैम्पल की जांच कर पा रहे है। फिर भी यहां आने वाले किसानों के मिट््टी के सैम्पल की जांच करवा रहे है। इस बारे में जिला प्रशासन व विद्युत निगम को अवगत कराया है।
डॉ.राम आसरे, कृषि विज्ञानिक, केवीके, सवाईमाधोपुर
Published on:
11 Oct 2018 12:13 pm
