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video एक साल में 17 बाल विवाह की शिकायतें,-सात शिकायतें निकली झूठी,एक में जांच

एक साल में 17 बाल विवाह की शिकायतें,-सात शिकायतें निकली झूठी,एक में जांच
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सवाईमाधोपुर में कलक्ट्रेट परिसर।

सवाईमाधोपुर. जिले में पिछले एक साल के दौरान जिला कलक्ट्रेट परिसर में स्थापित कंट्रोल रूम पर 17 बाल विवाह की शिकायतें दर्ज की गई है। इनमें बाल विवाह के सात प्रकरण झूठे पाए गए, जबकि 14 प्रकरणों में प्रशासनिक अधिकारियों ने बाल विवाह रूकवाए है। ऐसे में केस दर्ज नहीं हो सकें। इधर, इन दिनों बाल विवाह की झूठी शिकायतों पर पुलिस प्रशासन को भी भाग दौड़ करनी पड़ रही है।

एक बाल विवाह प्रकरण पर चल रही जांच
जिले में एक साल में कुल 17 बाल विवाह की शिकायतें दर्ज की। इनमें पिछले दिनों पचीपल्या में बाल विवाह का मामला सामने आया था। इसके बाद एसडीएम ने मानटाउन थाना पुलिस को कार्रवाई करने के आदेश दिए थे लेकिन पुलिस व प्रशासन को बाल विवाह को लेकर कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली है। ऐसे में फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

14 बाल विवाह प्रकरण रूकवाए
बाल विवाह को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग सचेत नजर आ रहा है। अबूझ सावों के समय 14 बाल विवाह की शिकायतों पर जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग व पुलिस प्रशासन ने अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर बाल-विवाह रूकवाए है।

गांवों में स्थिति खराब
बाल विवाह मामलों में शहरों की स्थिति तो फिर भी ठीक है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी छिपे बाल-विवाह होना आज भी बदस्तूर जारी है, जबकि प्रशासनिक अमला इस पर अंकुश लगाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहा है। हालांकि इसमें कमी आई है लेकिन ये पूर्णरूप से बंद नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार बाल-विवाह खास तौर पर अक्षय तृतीया, पीपल पूर्णिमा, गणेश चतुर्थी तथा फुलेरादोज पर होते हैं।

तीन पीढिय़ों को होता है नुकसान
बाल विवाह समाज के लिए तो अभिशाप बने है। इसकी नुकसान तीन पीढिय़ों को भुगतनी पड़ती है। उनको न केवल आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बल्कि सामाजिक, मानसिक व शारीरिक नुकसान भी भुगतना पड़ता है। कम उम्र में कई प्रकार की जिम्मेदारियां बढ़ जाती है। बच्चों के माता-पिता इसका नुकसान उठाते हैं। खुद वर-वधु को कई परेशानी होती है।

यहां की जा सकती है शिकायत
बाल विवाह की शिकायत बाल विवाह निषेध अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बाल कल्याण समिति, जिला मजिस्ट्रेट, महिला और बाल विकास विभाग, पंचायत सदस्य, विद्यालय शिक्षक, चाइल्डलाइन1098 पर की जा सकती है।
पिछले तीन साल में इतने बाल विवाह रूकवाए
वर्ष बाल विवाह रूकवाए
2017-18 9
2018-19 7
2019-20 14

.......................
इनका कहना है
पचीपल्या में बाल विवाह मामले में प्रशासन व पुलिस जांच में जुटी है। मामला सही पाए जाने पर कोर्ट में इस्तगासा पेश किया जाएगा। बाल-विवाह पर पूरी नजर है।
रामसिंह यादव, थानाधिकारी, मानटाउन

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