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सवाईमाधोपुर. कृषि उपज मण्डी में एक बार फिर व्यापारियों व पल्लेदारों के बीच विवाद शुरू हो गया है। पल्लेदार दस प्रतिशत मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं और व्यापारी मजदूरी बढ़ाने से इंकार कर रहे हैं वहीं पल्लेदार भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। ऐसे में पल्लेदारों व व्यापारियों में सहमति नहीं बनने के कारण मण्डी में जिंसों को बेचने आने वाले किसानों को परेशानी हो रही है। गौरतलब है मण्डी में वर्तमान में डेढ़ सौ से अधिक पल्लेदार है।
पल्लेदारों का यह है तर्क
पल्लेदारों ने बताया कि महंगाई लगातार बढ़ रही है इसके चलते पल्लेदारों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। प्ल्लेदारों ने कई बार मजदूरी बढ़ाने की मांग की है लेकिन व्यापारी नहीं मान रहे हैं ऐसे में अब कार्य का बहिष्कार किया जा रहा है।
व्यापारियों का यह है तर्क
व्यापारियों का कहना है कि स्थानीय मण्डी में पल्लेदारों की मजदूरी पहले से ही अन्य मण्डियों की तुलना में काफी अधिक है। यहां पर लालसोट आदि आसपास की मण्डियों से अधिक मजदूरी पल्लेदारों को दी जा रही है। इसके बाद भी पल्लेदार मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं जों उचित नहीं है। इस बार व्यापार संघ ने मजदूरी नहीं बढ़ाने का फैंसला किया है।
वर्तमान मेंं यह है मजदूरी की दरें....
किसान से उतराई छनाई तुलाई के लिए 25 रुपए क्विंटल
व्यापारी सें तलाई व लदाई 18 रुपए क्विंटल
10 रुपए क्पिटल ठेले की मजदूरी
6.5 रुपए क्विटंल गोदाम उतराई
ये बोले व्यापारी....
स्थानीय मण्डी मेें पहले से ही पल्लेदारों की मजदूरी अधिक है लेकिन पल्लेदार हठधर्मिता पर अड़ हुए हैं। इसके चलते मण्डल ण्क अप्रेल से अनिश्चित काल के लिए बंद है।
- राजेश गुप्ता, अध्यक्ष व्यापार संघ।
इनका कहना है....
मण्डी में मजदूरी को लेकर व्यापारियों व पल्लेदारों के बीच विवाद चल रहा है ऐसे में मण्डी में एक अप्रेल से नीलामी कार्य बंद रहेगा।
- रामपाल शर्मा, सचिव कृषि उपज मण्डी समिति, सवाईमाधोपुर।
Updated on:
01 Apr 2019 01:07 pm
Published on:
01 Apr 2019 11:54 am
