
इरफान मंसूरी
आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। महिलाएं कड़े संघर्ष से हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं। ऐसी ही महिलाओं में से एक हैं टीनू सोगरवाल। वह भरतपुर के सेवर कस्बे की रहने वाली हैं। वर्तमान में सवाई माधोपुर में चौथ का बरवाड़ा थाना अधिकारी के रूप में पदस्थापित हैं। उन्होंने बताया कि उनकी सफलता में माता-पिता का पूरा प्रोत्साहन मिला। फिर उन्होंने पुलिस अधिकारी बनने के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। वर्ष 2015 में उनका लक्ष्य पूरा हुआ और पुलिस सेवा में चयन हो गया।
कार्रवाई के बाद बना एंटी रोमियो स्क्वायड:
जनवरी, 2018 में कॉलेज छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने वाले युवकों को सबक सिखाने के लिए धौलपुर में मुहिम चलाई। आरोपी युवकों को पकड़कर पिटाई की और बंद किया। उस कार्रवाई से प्रेरित होकर राजस्थान पुलिस ने एंटी रोमियो स्क्वायड बनाया। जो आज भी कार्यरत है।
नहीं बच सकतीं जिम्मेदारियों से:
वह कहती हैं कि पुलिस में भी महिलाओं को दोहरी जिम्मेदारी निभानी होती है, एक परिवार की और दूसरी पुलिस की। पुलिस की नौकरी में 24 घंटों में कहीं भी, कभी भी ड्यूटी पर जाना पड़ सकता है। ऐसे में महिला पुलिसकर्मी और अधिकारी यह नहीं कह सकते कि हमारे पास पारिवारिक जिम्मेदारी है। ऐसे में दोनों जिम्मेदारियों के बीच एक संतुलन बनाकर काम करना पड़ता है। तभी आप बेहतर कर सकते हैं।
समाज में आया बदलाव : वह कहती हैं कि धौलपुर के कई गांवों में शराबबंदी को लेकर सामाजिक प्रतिबंध लगाया गया। लोगों से मीटिंग की गई। पुलिस और लोगों के सहयोग से वर्ष 2018 में लगभग 350 गांवों में शराबबंदी हुई।
अपराधियों को पकड़ने का जुनून:
वह कहती हैं कि पहली पोस्टिंग दस्यु प्रभावित क्षेत्र धौलपुर में हुई। उस दौरान इनामी डकैत भूला गुर्जर सहित अन्य कई डकैतों को पकड़ा था। राजाखेड़ा में तैनातगी के समय कई बदमाशों को दबोचा।
Published on:
04 Sept 2022 11:14 am
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