6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ईडब्ल्यूएस के प्रमाण पत्र जारी होने में नियमों का अड़ंगा

गंगापुरसिटी . राज्य सरकार की ओर से भले ही सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने के लिए प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है, लेकिन इसमें नियमों का अड़ंगा बहुत अधिक लगा देने से इनकी पूर्ति कर पाना विद्यार्थियों के लिए टेढी खीर साबित हो रहा है। बामनवास में प्रशासनिक अधिकारी भी इसको लेकर अपनी-अपनी तरह से नियम चला रहे हैं। यही कारण है कि जहां जिले के अन्य ब्लॉकों में प्रमाण पत्र जारी होना शुरू हो गए हैं। वहीं स्थानीय प्रशासन की ओर से अब दो दिनों पूर्व करीब आठ से दस पेज का नया सर्कुलर जारी किया है, जिसकी पूर्ति के बाद ही प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
2 min read
Google source verification
gangapurcity news

ईडब्ल्यूएस के प्रमाण पत्र जारी होने में नियमों का अड़ंगा

गंगापुरसिटी . राज्य सरकार की ओर से भले ही सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को आर्थिक आधार पर आरक्षण देने के लिए प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है, लेकिन इसमें नियमों का अड़ंगा बहुत अधिक लगा देने से इनकी पूर्ति कर पाना विद्यार्थियों के लिए टेढी खीर साबित हो रहा है। बामनवास में प्रशासनिक अधिकारी भी इसको लेकर अपनी-अपनी तरह से नियम चला रहे हैं। यही कारण है कि जहां जिले के अन्य ब्लॉकों में प्रमाण पत्र जारी होना शुरू हो गए हैं। वहीं स्थानीय प्रशासन की ओर से अब दो दिनों पूर्व करीब आठ से दस पेज का नया सर्कुलर जारी किया है, जिसकी पूर्ति के बाद ही प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।


प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन करने वाले युवाओं के अनुसार प्रशासन की ओर से ११ पृष्ठीय आवेदन की पूर्ति कराई जा रही है, जबकि राज्य सरकार ने तीन पेज का आवेदन जारी किया है। सारी रिपोर्ट करा लेने के बाद भी तहसीलदार द्वारा भूमि, भवन एवं प्लॉट की वेल्यूवेशन रिपोर्ट मांगी जा रही है। कृषि भूमि संबंधी रिपोर्ट तहसीलदार से चाही गई है, लेकिन पटवारियों द्वारा समस्त पैतृक भूमि की रिपोर्ट फार्म पर की जा रही है।

वहीं जनवरी २०१५ से नोटेरी प्रमाणीकरण की बाध्यता समाप्त किए जाने के उपरांत भी आवेदकों से आवेदन नोटेरी से प्रमाणित कराकर लिया जा रहा है, जिससे युवाओं में रोष है। पंडित बुद्धिप्रकाश शर्मा, ज्ञानचंद शर्मा, उमाशंकर, मदनमोहन आदि का आरोप है कि उपखण्ड प्रशासन द्वारा ईडब्ल्यूएस के प्रमाण पत्र के लिए राज्यादेशों से हटकर रिपोर्ट मांगी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मंगलवार को तहसील मुख्यालय पर सवर्ण समाज के युवाओं की मीटिंग बुलाई गई है, जिससे प्रशासन के भेदभावपूर्ण रवैये पर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।


गाइडलाइन के अनुसार जानकारी मांगी जा रही है


राज्य सरकार द्वारा मुहैया कराई गई गाइडलाइन के अनुसार ही आवेदकों से जानकारी मांगी जा रही है। आवेदन की पूर्ति होने के बाद उनके जारी होने की अनुशंसा की जा रही है। सोमवार को स्वयं उन्होंने दस से बारह आवेदनों की पूर्ति होने के बाद उनकी अनुशंसा की है। प्रमाण पत्र उपखण्ड अधिकारी द्वारा जारी किए जाएंगे।
- जगदीश प्रसाद माहीच, तहसीलदार बामनवास

बड़ी खबरें

View All

सवाई माधोपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग