
ट्रेक पर शनिवार देर रात को अलाव तापते आंदोलनकारी।
मलारनाडूंगर. शाम 6 बजे सूरज ढलने के साथ ही सर्दी बढ़ गई। ऐसे में लोगों ने ट्रेक पर ही अलाव जला लिए। झुंडों में अलाव के चारों तरफ गुर्जर समाज के लोग वीरगाथा के गीत गाकर समय व्यतीत करते रहे। कुछ लोग ट्रेक पर ही बिना बिस्तर के सोने की तैयारी में जुटे रहे तो कुछ टेंटंों में सोने चले गए। उधर आरक्षण आंदोलन के मुखिया की एक टेंट में खाट बिछी है। बैसला टेंट में अपनी समिति के आगामी रणनीति पर चर्चा में जुटे रहे।
शराब पीकर नहीं आएं ट्रेक पर
गुर्जर समाज के लोगों ने आंदोलन स्थल ट्रेक पर आने वाले लोगों से शनिवार देर शाम अपील करते रहे कि कोई भी व्यक्ति ट्रेक पर शराब पीकर नहीं आए। प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के बाद माइक पर समाज के लोग बार-बार इसका ऐलान करते रहे। ऐसा करने वालों पर सख्ती से निपटने की बात भी कही।
टैंट के इर्द-गिर्द टिकी निगाहें
धरना स्थल पर सरकार तरफ से वार्ता के लिए गठित समिति के आने की चर्चाएं चलती रही। इसके चलते बैंसला के टेंट के इर्द गिर्द आंदोलनकारियों की भीड़ भी जमा हो गई। वार्ता के दौरान बैंसला के साथ ट्रेक पर जमा लोगों में गहमा गहमी के साथ ही उत्सुकता बनी रही।
Published on:
10 Feb 2019 12:51 pm
