
मलारना डूंगर. रणथम्भौर नेशनल पार्क से सटे बसव गांव में टाइगर के पग मार्क दिखाते ग्रामीण।
मलारना डूंगर. रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान से निकल कर जंगली जानवरों का आबादी क्षेत्र में आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आबादी क्षेत्र में बढ़ते मूवमेंट से पार्क की सीमा से सटे गांव के लोगों में दहशत का माहौल है।
आलम यह है कि लोग अब अपनी फसलों को भगवान भरोसे छोड़ खेतों पर जाने से कतराने लगे हैं। इससे अन्य वन्य जीव भी किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
खेत में आया बाघ
बसव नई बस्ती से सटे खेतों पर रखवाली कर रहे किसान नरेश पुत्र शंकर ने गत सोमवार रात करीब साढ़े तीन बजे खेत में बनी मचान से ही टोर्च जलाई तो सामने एक बाघ नजर आया। टॉर्च की रोशनी पडऩे के साथ ही किसान के चिल्लाने पर बाघ वापस घूम कर पास के ही नाले में कूद गया।
एक माह से है मूवमेंट
स्थानीय वन सुरक्षा समिति के पूर्व अध्यक्ष हनुमान मीणा, कोषाध्यक्ष एवं नेहरू नव युवक मण्डल अध्यक्ष जगदीश मीणा, कानजी योगी ने बताया कि बसव सहित जंगल से सटे गांवों में बीते एक माह से अधिक समय से एक मेल टाइगर का मूवमेंट बना हुआ है। इसने पूर्व में कई पालतू मवेशियों सहित रोजड़ों का भी शिकार किया है। इस संबंध में वन विभाग के आला अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी कोई मौके पर नहीं पहुंचता है। ग्रामीणों ने बाघ के आबादी में घुसकर मवेशियों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही इंसानों को भी नुकसान पहुंचाने की आशंका जताई है।
ट्रेकिंग कराएंगे
सूचना मिली है। तालड़ा रेंजर के नेतृत्व में ट्रेकिंग के लिए टीम भेजी है। रात में ट्रेकिंग के लिए टीम लगाएंगे।
संजीव शर्मा, एसीएफ , रणथम्भौर नेशनल पार्क, सवाईमाधोपुर
Published on:
08 Jan 2019 06:00 am
