
सवाईमाधोपुर। रणथम्भौर में इलाके को लेकर एक बार से बाघिनों के बीच जंग का मामला सामने आया है। इस जंग में एक बार फिर बाघिन एरोहैड घायल हो गई है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब तीन चार दिन पूर्व बाघिन की मण्डूक इलाके में किसी अन्य बाघिन के साथ इलाके को लेकर संघर्ष हुआ था। संघर्ष में बाघिन के पैर और पीठ पर हल्के घाव हो गए। ऐसे में बाघिन को फिलहाल चलने फिरने में थोड़ी परेशानी हो रही है।
रणथम्भौर के जोन दो के नालघाटी इलाके में जहां वर्तमान में बाघिन का शावकोंं के साथ विचरण है। कई दिनों से इस इलाके में बाघिन टी-105 यानी नूरी और बाघ टी-120 यानी गणेश का मूवमेंट था। गत दिनों जब नालघाटी इलाके के नाले में बाघिन एरोहैड अपने तीन शावकों के साथ बैठी थी। उस दौरान बाघ गणेश और बाघिन नूरी भी वहां एक साथ पहुंच गए थे, लेकिन बाघिन एरोहैड ने बाघ और बाघिन नूरी से दूरी बनाए रखी थी।
कार्यवाहक उपवन संरक्षक मानस सिंह ने बताया कि बाघिन एरोहैड के पैर में घाव हो रहा है। बाघिन को चलने में थोड़ी परेशानी हो रही है। संभवतया: बाघिन एरोहैड का किसी अन्य बाघिन के साथ इलाके को लेकर संघर्ष हुआ हो। एहतियात के तौर पर विभाग की ओर से बाघिन की लगातार मॉनिटरिंग कराई जा रही है।
Published on:
30 Jun 2024 06:43 pm
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