
कर्जमाफी के नाम पर किसानों से धोखा
बामनवास . प्रदेश की नवनिर्वाचित सरकार किसानों के साथ वादाखिलाफी कर उनका कर्ज माफ नहीं करेगी तो किसान अपने हक के लिए संघर्ष को तैयार हैं। वे सरकार के खिलाफ शीघ्र ही संघर्ष का बिगुल बजा देंगे। सरकार को किसानों के धैर्य की परीक्षा से बचना चाहिए। मंगलवार को लिवाली के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में आयोजित किसान महापंचायत में किसानों को संबोधन के दौरान अधिकांश वक्ताओं के कमोबेश ऐसे ही उद्गार रहे।
किसानों में इस बात को लेकर रोष देखा गया कि कांग्रेस ने प्रदेश में चुनावी घोषणा पत्र में कर्ज माफी का सपना दिखाकर किसानों के वोट तो बटोर लिए, लेकिन अब कर्ज माफी के लिए नियम कायदे थोपे जा रहे हैं। केवल डिफॉल्टर किसानों को ही लाभान्वित किया जा रहा है। इसमें भी पूर्ववर्ती सरकार द्वारा माफ किए गए ऋण को शामिल किया जा रहा है।
भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष रामावतार मीना ने कहा कि प्रदेश में किसान यूरिया के लिए मारा-मारा फिर रहा है। यूरिया की उपलब्धता के बजाय इसकी कमी का ठीकरा सीएम द्वारा केन्द्र सरकार पर फोड़ा जा रहा है। इससे प्रदेश की सरकार किसानों के हितों के साथ कुठाराघात करने पर तुली है।
किसानों के जिन मुद्दों को लेकर कांग्रेस सत्ता में आई है। यदि उनको पूरा नहीं किया गया तो किसान शांत बैठने वाले नहीं हैं। किसान संघ के तहसील अध्यक्ष अमरसिंह मीना ने किसानों की समस्याएं सुनकर महापंचायत के समक्ष रखी। किसान महापंचायत में लटूरसिंह गुर्जर, हीरालाल माली, संतोष गौतम, रामकिशन योगी, गजानंद जाट, प्रभूलाल, प्रहलाद गुर्जर, गिर्राज शर्मा, चौथमल जायसवाल, बाबूलाल, रमेशचंद शर्मा, बाबू खां, नेमीचंद शर्मा आदि ने विचार व्यक्त किए।
Published on:
26 Dec 2018 12:21 pm
