
गंगापुरसिटी के नौनिहाल ने किया कमाल
गंगापुरसिटी. शहर के लोगों की पिछले 10 साल से चली आ रही मांग को मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने मंगलवार को पूरी कर दी। प्रस्तावित दौरे से पहले मुख्यमंत्री ने गंगापुरसिटी में अतिरिक्त जिला कलक्टर कार्यालय की सौगात दी है।
इसके लिए मंगलवार को अधिसूचना जारी की गई।
राज्य सरकार के राजस्व विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अतिरिक्त जिला कलक्टर गंगापुरसिटी का मुख्यालय गंगापुरसिटी में ही होगा। इस कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में गंगापुरसिटी तहसील के 85 गांव, वजीरपुर तहसील के 44 और बामनवास तहसील के 155 गांव शामिल होंगे। गंगापुरसिटी को जिला बनाने की मांग लम्बे समय से चली आ रही है। इस कड़ी में फिलहाल यहां एडीएम का पद स्वीकृत किया गया था। ऐसा माना जाता है कि जिला बनने से पहले क्षेत्र में एडीएम कार्यालय का होना जरूरी है। इससे शहर अब जिला बनने के कगार पर पहुंच गया है।
क्या होंगे फायदे
अतिरिक्त जिला कलक्टर कार्यालय खुलने के बाद जिला मुख्यालय से जुड़े 60 प्रतिशत विभागों के कार्यालयों की शाखा भी संचालित होना शुरू हो जाएगी। इससे प्रशासनिक व अद्र्ध प्रशासनिक अधिकारियों की सेवाएं लोगों को गंगापुर में ही मिलने लगेगी। राजस्व विभाग से सम्बन्धित प्रकरणों के निपटारे के लिए लोगों को सवाईमाधोपुर के चक्कर नहीं लगाने होंगे। वकीलों की कार्य व्यस्तता भी बढ़ जाएगी। अतिरिक्त जिला कलक्टर के पास संवैधानिक शक्तियां होने से कानून-व्यवस्था से सम्बन्धित कई निर्णय तत्काल लिए जा सकेंगे। समस्याओं के निपटारे के अधिकार होने से लोगों को जिला कलक्टर कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
डाककर्मियों की हड़ताल जारी
सवाईमाधोपुर. अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवा संघ की जिला शाखा के तत्वावधान में चल रही डाक कर्मियों की हड़ताल 15वें दिन मंगलवार को भी जारी रही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डाक विभाग के पूर्व अध्यक्ष हरिनारायण शर्मा ने की।
मण्डल सचिव ने बताया कि ग्रामीण डाककर्मी कमलेश चंद्रा कमेटी की सिफारिशोंं को लागू करने, डाक कर्मियों का विभागीयकरण करने, डाकघर में टारगेट प्रणाली को समाप्त करने, डाक कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना के अनुसार पेंशन देने आदि विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इससे डाक कर्मियों में रोष है। दूसरी और ग्रामीण डाक कर्मियों की हड़ताल के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में डाकघर की व्यवस्थाएं ठप रहीं। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान सत्यनारायण राव, रामसहाय महावर व प्रभुलाल श्रीमाल आदि मौजूद थे।
Published on:
06 Jun 2018 12:25 pm
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