
निकाली शोभायात्रा
शिवाड़. कस्बे में दशहरा मैदान में गुरुवार से शिवपुराण कथा शुरू हुई। पहले दिन लोगों ने उत्साह से भाग लिया और धार्मिक कथा सुनी। इस दौरान गौतम आश्रम से दशहरा मैदान तक शोभायात्रा निकाली गई।
इससे पहले गौतम आश्रम से रवाना हुई शोभायात्रा व कलशयात्रा मुख्य बाजार, छोटा बाग, सीनियर सैकेण्डरी स्कूल होते हुए दशहरा मैदान पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं ने ध्वजा के साथ गाजे-बाजे से नाचते-गाते चल रहे थे। शोभायात्रा का लोगों ने पुष्प वर्षा कर जगह-जगह स्वागत किया। इस दौरान शिवाड़ नगरी भगवान शिव के जयकारे से गूंज उठी। कलशयात्रा आकर्षण का केन्द्र रही। महिलाएं सिर पर मंगल कलश लेकर चल रही थीं। शोभायात्रा में श्रद्धालु गंगा मैया एवं घुश्मेश्वर महादेव के जयकारे लगाते चल रहे थे।
घुश्मेश्वर मंदिर ट्रस्ट पदाधिकारी व कार्यकर्ता एवं समाजसेवी कार्यकर्ता भी धार्मिक कार्यक्रम में व्यवस्थाओं को संभालने में जुटे रहे। कथा के शुभारंभ से पहले स्वामी दिव्यानन्द तीर्थ ने भगवान घुश्मेश्वर महादेव की पूजा की। संत ज्ञानानंद जी तीर्थ भानपुरा पीठ मध्यप्रदेश ने प्रवचन में कहा कि जह सुमति तह सम्पत्ति नाना जहां कुमति तहा विपत्ति नाना। उन्होंने कहा कि मनुष्य का एक के प्रति राग एवं दूसरे के प्रति द्वेष है। जन्म का कारण शुभाशुभ प्रवृत्ति है और इसका के लिए राग द्वेष है। दोपहर को शिव पुराण कथा के शुभारंभ में संत दिव्यानन्द ने भगवान शिव को जगत के कल्याण करने वाले बताते हुए कहा कि जिनका प्रारंभ मध्य व अन्त मंगलाचरण से हो वो देवादिदेव शिव है। इस अवसर पर घुश्मेश्वर ट्रस्ट अध्यक्ष प्रेम प्रकाश शर्मा ने बताया कि गुरुवार से रोजाना दोपहर 1 से 2 बजे तक संत ज्ञानानन्द प्रवचन व 2 से 5 बजे तक संत दिव्यानन्द शिव महापुराण कथा में प्रवचन देंगे। घुश्मेश्वर मंदिर ट्रस्ट के प्रचार-प्रसार मंत्री शम्भू मिश्रा ने ग्रामीणों से अधिकाधिक संख्या में कथा में भाग लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अतिथि चन्द्रिका प्रसाद शर्मा, भगवान दास व दिनेश कुमार स्वागत किया गया।
देवधाम जौधपुरिया पदयात्रा रवाना
कस्बे से गुरुवार सुबह 11 बजे भगवान देवनारायण मंदिर से ध्वज पूजा अर्चना के बाद जोधपुरिया धाम के लिए पदयात्रा रवाना हुई। समाजसेवी राजाराम गुर्जर ने बताया पदयात्रा में सैकड़ों महिला-पुरूषों ने भाग लिया।
Published on:
14 Sept 2018 12:36 pm
