राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में बीते 24 घंटे में हुई मूसलाधार बरसात के बाद क्षेत्र में बहने वाली बनास, मोरेल व निगोह नदी उफान पर है।
सवाईमाधोपुर/मलारना डूंगर। राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में बीते 24 घंटे में हुई मूसलाधार बरसात के बाद क्षेत्र में बहने वाली बनास, मोरेल व निगोह नदी उफान पर है। इसके चलते शनिवार को मलारना डूंगर निगोह व मोरेल नदी संगम समेला रपट पर एक मोटरसाइकिल बह गई। हालांकि युवक सोनू सैनी बाल-बाल बच गया। करेल व शेषा गांव के निचले इलाकों में घरों में पानी भर गया। तहसीलदार रामजीलाल मीना ने जल प्रभावित इलाकों का दौरा कर सम्बंधित पटवारी व ग्राम विकास अधिकारियों को राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
तहसीलदार कार्यालय के अनुसार बीते 24 घंटो में शनिवार सुबह 8 बजे तक 4 इंच बारिश दर्ज की गई। बनास नदी में लगातार पानी की आवक से ओलवाड़ा रपट पर पानी आ गया। इससे सवाईमाधोपुर मार्ग बंद हो गया। इसी तरह हाड़ौती-भूरीपहाड़ी रपट पर पानी आने से सपोटरा-सवाईमाधोपुर सड़क मार्ग भी बंद रहा।
वहीं मोरेल बांध पर चादर चलने से टिगरिया-सांचोली, मलारना-मायापुर, सैनीपुरा तिबारा से गुर्जर टापरीन, निमोदा-नरौली तथा श्यामोली-हाड़ौती सड़क मार्ग भी बन्द हो गए। उधर, भाड़ौती-मथुरा मेगा हाइवे पर भी मोरेल नदी सड़क पर पानी छलकने लगा है। कोटा-लालसोट मेगा हाइवे मलारना चौड़ में हाइवे पर पानी बहने लगा है। भाड़ौती समेत मलारना चौड़ के सभी तालाब भी ओवरफ्लो हो गए। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और आमजन को पानी के बहाव क्षेत्र से दूर रहने की अपील की है।
शिवाड़ में बारिश के दौरान रपट पर पानी चलने के कारण हादसों व प्रशासन की चेताने के बाद भी कई लोग जान जोखिम में डाल रहे हैं। शनिवार को बनास रपट पर बहते पानी से वाहन चालक निकलते नजर आए। बता दें कि जलजनित क्षेत्रों से दूर रहने व बहाव क्षेत्र से नहीं निकलने को लेकर जिला कलक्टर ने अपील जारी की है। फिर भी लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। शनिवार को एचेर-बगिणा बनास नदी की रपट पर दो फीट ऊपर पानी बहता नजर आया। इसके बाद भी पानी के बहाव के बीच जान जोखिम में डालकर कई लोगों ने अपने वाहन निकालें।
घरों में भरा बारिश का पानी। फोटो: पत्रिका
चौथ का बरवाड़ा उपखंड क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। इस बार औसत से दोगुनी बारिश होने के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे खरीफ की फसलें बर्बाद हो गई। विशेषकर मक्का सहित अन्य फसलें जलभराव के कारण सड़ने लगी हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बाटोदा कस्बे के चारों ओर भरा पानी। फोटो: पत्रिका
इधर, बारिश से नदी-नाले भी उफान पर हैं। बनास नदी की रपट पर होकर पानी निकलने से चौथ का बरवाड़ा-शिवाड़ वाया जयपुर मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। इसके चलते लोगों को शिवाड़ पहुंचने के लिए लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। कई गांवों का अन्य स्थानों से संपर्क भी टूट गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। शिक्षा क्षेत्र भी इस आपदा से अछूता नहीं रहा। कई स्कूलों की छतें टपक रही हैं और कुछ स्कूल परिसरों में पानी भर गया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। किसानों ने सरकार से खराब फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।