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फिर कैसे सम्भले यातायात

गंगापुरसिटी . शहर में आए दिन बढ़ते वाहनों के चलते यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है, लेकिन यातायात के दबाव को नियंत्रित करने के लिए उपखंड मुख्यालय पर यातायात पुलिस का पर्याप्त स्टाफ नहीं है। शहर के प्रमुख मार्गों और बाजारों में वाहनों की संख्या बढऩे के बाद भी यातायात पुलिस की नफरी में इजाफा नहीं किया जा रहा है। वर्तमान में शहर में यातायात नियंत्रण के लिए एक सहायक उप निरीक्षक, एक हैड कांस्टेबल और तीन कांस्टेबल नियुक्त हैं। इनमें से कोई ना कोई अवकाश पर भी रहता है। हालांकि यातायात पुलिस के सहयोग के लिए 3 होम गार्ड लगाए हुए हैं, लेकिन वाहनों की रेलमपेल के आगे यातायात पुलिस की यह नफरी कम जान पड़ रही है।
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फिर कैसे सम्भले यातायात

गंगापुरसिटी . शहर में आए दिन बढ़ते वाहनों के चलते यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है, लेकिन यातायात के दबाव को नियंत्रित करने के लिए उपखंड मुख्यालय पर यातायात पुलिस का पर्याप्त स्टाफ नहीं है। शहर के प्रमुख मार्गों और बाजारों में वाहनों की संख्या बढऩे के बाद भी यातायात पुलिस की नफरी में इजाफा नहीं किया जा रहा है। वर्तमान में शहर में यातायात नियंत्रण के लिए एक सहायक उप निरीक्षक, एक हैड कांस्टेबल और तीन कांस्टेबल नियुक्त हैं। इनमें से कोई ना कोई अवकाश पर भी रहता है। हालांकि यातायात पुलिस के सहयोग के लिए 3 होम गार्ड लगाए हुए हैं, लेकिन वाहनों की रेलमपेल के आगे यातायात पुलिस की यह नफरी कम जान पड़ रही है।


एक दर्जन से अधिक प्वाइंट


शहर में यातायात को नियंत्रित करने के लिए करीब एक दर्जन प्वाइंट है। इनमें फव्वारा चौक, प्राइवेट बस स्टैण्ड, उदेई मोड़, सालोदा मोड़, कोर्ट सर्किल, सब्जी मंडी तिराहा, सोनी चौराहा, तहसील, जामा मस्जिद, ट्रक यूनियन, व्यापार मंडल हॉस्पिटल व ईदगाह मोड शामिल है। मगर स्टाफ की कमी के चलते कोर्ट सर्किल, फव्वारा चौक व उदेई मोड पर ही अमूमन यातायात पुलिस तैनात देखी जाती है, जबकि अन्य स्थानों पर भी यातायात पुलिस को लगाने की आवश्यकता है। खासकर टे्रन आने के दौरान सोनी चौराहे पर अनियंत्रित वाहनों के चलते अधिक परेशानी होती है।


एक हजार से अधिक टेम्पो


शहर में यातायात दबाव बढऩे के पीछे टेम्पो की संख्या भी है। शहर में करीब १ हजार टेम्पो है, जो कि आवश्यकता की तुलना में अधिक है। प्रतिदिन 700 से 800 टेम्पो सडक़ पर नजर आते है, जबकि इस अनुपात में उन्हें सवारी उपलब्ध नहीं होती है। अधिकांश टेम्पो से दो से तीन सवार लेकर इधर-उधर दौड़ते नजर आते हैं। पुलिस ने पूर्व में टेम्पो संचालन को लेकर ओड ईवन फार्मूला लाने करने की विचार किया, लेकिन यह विचार परवान नहीं चढ़ सका।


जांच और चालान का जिम्मा भी


यातायात पुलिस के पास यातायात नियंत्रित करने के साथ वाहनों की जांच और चालान करने का जिम्मा भी है। ऐसे में यातायात पुलिस इस कार्य में भी व्यस्त हो जाती है, जबकि यातायात पुलिस स्टाफ की संख्या पहले ही आवश्यकता के अनुरूप नहीं है।


इनका कहना है


यातायात पुलिस में स्टाफ की कमी है। उपलब्ध स्टाफ से यातायात नियंत्रण का प्रयास कर रहे हैं। स्टाफ बढ़ोतरी के लिए उच्चाधिकारियों से निवेदन किया है।
-भागवत सिंह, यातायात पुलिस प्रभारी।

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