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बूंदी. बूंदी में रविवार को हुई लिपिक ग्रेड सैकंड में नकल माफिया की अन्तरराज्यीय गैंग के छह जने पकड़े गए हैं। मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश ने प्रेसवार्ता में किया। गैंग ने यहां अलग-अलग केंद्रों पर दो जनों को परीक्षा में बैठा रखा था। तभी पुलिस को भनक लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गैंग में सारे सदस्य राजस्थान और बिहार राज्य के हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर विशेष सतर्कता बरत रखी थी। तभी बूंदी के एमानुएल सीनियर सैकण्डरी और राउमावि में दो अभ्यर्थी संदिग्ध दिखाई दिए। इनके फोटो और हस्ताक्षर का मिलान किया तो रिकार्ड से नहीं मिले।
यहीं इनके संदिग्ध होने की प्रथम दृष्टया पुष्टि हो गई थी। जब बूंदी पुलिस उपअधीक्षक समदर सिंह ने अन्य अधिकारियों के साथ पहुंचकर पूछताछ की तो फर्जी तरीके से अन्य अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने की बात स्वीकार ली। एमानुएल सीनियर सैकण्डरी स्कूल में करौली जिले के रूंदपुरा मासलपुर निवासी संतोष मीणा पुत्र जमुनालाल के स्थान पर नालन्दा बिहार जिले के बासलीगंज थाना क्षेत्र के झौर निवासी 23 वर्षीय रितेश उर्फ आदित्य पुत्र रवि शंकर स्वर्णकार को परीक्षा देते हुए पकड़ा। इसी प्रकार राउमावि में करौली जिले के शेखपुरा निवासी वीरेन्द्र मीणा पुत्र धीर सिंह के स्थान पर नालन्दा जिले के रहुई थाना क्षेत्र के गईवी निवासी 23 वर्षीय सुधांशु पुत्र सुबोध प्रसाद चौधरी को पकड़ा।
इनके साथ ही स्कूल के बाहर वीरेन्द्र मीणा भी खड़ा था। जिसे भी पुलिस ने धरदबोचा। पुलिस ने तीनों को पकडऩे के बाद पूछताछ की तो गैंग निकली। गैंग के अन्य सहयोगी शहर के एक स्थान पर कार में बैठे निगाह रखे हुए थे। जब तलाशी की तो सवाईमाधोपुर जिले के वजीरपुर थाना क्षेत्र के फूलवाड़ा निवासी अखलेश पुत्र हरगुन मीणा, करौली जिले के नादोती थाना क्षेत्र के डेरिया निवासी धर्मेन्द्र पुत्र गिलास मीणा और करौली जिले के हिण्डोनसिटी थाना क्षेत्र के कोटरा निवासी हेमसिंह पुत्र गवरूराम मीणा बैठे मिले। जिन्हें बाद में पकड़ा।
Published on:
17 Sept 2018 11:57 am
