
जयपुर/सवाई माधोपुर
रजवाड़ी शानो शौकत, शौर्य पराक्रम के लिए पहचाना जाने वाला राजस्थान न केवल अपने किलों के लिए महशूर है बल्कि,यहां एक से बढ़कर एक ऐसे जायकेदार पकवान मिलते हैं कि मुंह में पानी का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं लेता। लेकिन आज हम आपको राजस्थान के ऐसे शहर के बारे में बताने जा रहे जो मीठे अमरूदों के लिए मशहूर माना जाता है। सवाईमाधोपुर के ‘पेडे‘ के नाम से मशहूर ये अमरूद खाने में काफी मिठे होते हैं। इसलिए लोग इन्हें पेडे के नाम से भी जानते हैं। यहां के अमरूदों का कोई जवाब नहीं।
अपने मिठास के कारण पूरे देश में अलग पहचान
सवाई माधोपुर को 'टाइगर सिटी' के नाम से भी जाना जाता हैं, और यहां पर अमरूदों की बोलियां भी लगाई जाती है। यहां के अमरूद ट्रक और ट्रैक्टरों में भरकर देशभर के अलग -अलग जगहों पर पहुंचाए जाते हैं। यहीं वजह है कि यहां के ज्यादातर किसान सरसों,और गेहूं को छोड़कर अमरूदों की खेती करते है।
सवाई माधोपुर के आसपास 15 किलोमीटर के क्षेत्र में बर्फखाना, सफेदा लखनवी और गोला किस्म के सभी अमरूदों की फसल मौजूद है। यहां के लोगों का कहना है कि पैदावार को देखते हुए 2008 में अमरूद मण्डी स्थापित हुई थी, तब से ये फल किसानों के जीवकोपार्जन का साधन बन गए हैं। यदि 15 रुपए किलो का भी हिसाब लगाएं तो 20 अरब तक का व्यापार होता है। यहां अमरूदों कि फसल इतनी अच्छी है कि यहां को और किसी चीज़ की खेती करने कि जरुरत ही नहीं होती है। यहां के लोग आराम से अमरूदों से ही खाते—कमाते हैं।
हर साल यहां के पेड़ो पर तुरंत फल आते ही ठेकेदारों का जमावड़ा लग जाता है। यहां दूर- दूर से व्यापारी आते है और अमरूदों के हिसाब से बोली लगाकर ले जाते है, और दूसरे जगह ले जाकर दुगना दाम में बेचते है।
Published on:
22 May 2018 09:26 am
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