
अजीतपुरा गांव के बांध में जलभराव से पाळ की ढहती मिट्टी एवं मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों ने अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया।
सवाईमाधोपुर.जल संसाधन विभाग की अनदेखी के चलते अजीतपुरा बांध के रिसाव को दुरस्त नहीं कराने के मामले में विभाग चुप्पी साधे हुए है। इससे अजीतपुरा गांव के ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने सोमवार को गांव से पलायन का निर्णय किया। ग्रामीण गांव से पलायन करने वाले ही थे कि भूअभिलेख निरीक्षक तुलसीराम शर्मा व पटवारी विजयलाल मीणा ने समझाइश कर दो-तीन का समय मांगा है।
घटिया निर्माण सामग्री का आरोप
ग्रामीण श्योजी, गिर्राज गुर्जर, मंगल,प्रकाश आदि ने गिरदावर को बताया कि बांध के निर्माण के दौरान संवेदक ने घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया है। उन्होंने बजरी में सीमेंट की मात्रा नाम मात्र की थी। इससे बांध की पाळ की दीवार व मोरी की दीवार क्षतिग्रस्त हो चुकी है। साथ ही दीवार व मोरी से पानी का रिसाव हो रहा है। लगातार बांध में बढ़ रहे पानी से गांव को खतरा है। इस संबंध में विभाग के अधिकारियों से शिकायत के बाद भी वे ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने रिसाव रोकने व बांध की मरम्मत करा पानी को रोकने की मांग की है।
बोलने को तैयार नहीं
इस मामले में जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता केदारलला मीणा व सहायक अभियंता सुरेश भोपरिया से कई बार फोन पर संपर्क किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ना ही इस मामले में कोई बात की।
अजीतपुरा बांध में रिसाव के चलते गांव के लोग पलायन करने को मजबूर हैं। मौके पर जाकर ग्रामीणों से समझाइश की है। दो-तीन बारिश होती रही तो खतरे को भांपते हुए उन्हें विस्थापित किया जाएगा। गांव के हालात व बांध की मरम्मत तथा रिसाव रोकने के लिए तहसीलदार व जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र लिख दिया है।
तुलसीराम शर्मा, भू अभिलेख निरीक्षक, सवाईमाधोपुर।
बादलगंज व सवाईगंज में होंगे विस्थापित
ग्रामीण कमलेश व प्रकाश मीणा ने बताया कि बांध में पानी बढऩे के साथ ही रिसाव का बहाव भी तेज हो रहा है। ऐसे में गांव के बहने का खतरा है। जल संसाधन विभाग की ओर से आगामी दो दिनों में कार्रवाई नहीं की गई तो सवाईगंज व बादल गंज में विस्थापित होंगे। हालांकि कुछ लोग तो पहले ही सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं।
Published on:
25 Jul 2018 01:39 pm
