
भाड़ौती इलाके में बरसात से घरों के पीछे रास्ते में भरा पानी।
सवाईमाधोपुर. जिले में मंगलवार को बादल खण्डार व ढील में ही मेहरबान रहे। इन दोनों जगहों पर बदरा जम के बरसे। सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ढील में 58 तथा मंगलवार शाम 5 बजे तक 15 मीमी. बारिश दर्ज की गई। खण्डार में 20 मिमी बारिश हुई। इससे पूर्व सोमवार शाम पांच बजे से मंगलवार सुबह 8 बजे तक 36 मिमी बारिश हुई। सोमवार शाम 5 बजे से मंगलवार सुबह आठ बजे तक मानटाउन में 99 मिमी, सवाईमाधोपुर तहसील 117, भाड़ौती 30, मलारना डूंगर 59, चौथकाबरवाड़ा 12, वजीरपुर 22, बौंली 54, देवपुरा 25, पांचोलास 17, मानसरोवर 20, मोरासागर 15, गंगापुरसिटी 34 मिमी बारिश दर्ज की गई।
चौथ का बरवाड़ा. कस्बे सहित आस पास के गांवों में मंगलवार को कस्बे में सुबह हल्की व दोपहर बाद तेज बारिश हुई। तहसील के अनुसार कस्बे में सुबह 6 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक 15 एमएम बारिश दर्ज की।
मलारना डूंगर. सुबह से शाम तक रुक रुक कर बारिश हुई। कस्बे के निकट मोरेल नदी में भी पानी बहने लगा हे। मलारना चौड़ के रामसागर में भी पानी की आवक शुरू हुई। मलारना चौड़ जीएसएस में पानी भर गया।
भगवतगढ़ क्षेत्र में मंगलवार सुबह पांच बजे से जोरदार बारिश शुरू हुई जो करीब पौन घंटे से भी अधिक चली। मांजरा खाल पर बने एनिकट पर सोमवार से चादर चल रही है।
पीपलदा. कस्बे सहित क्षेत्र में मंगलवार को करीब बीस मिनट तक अच्छी बारिश हुई। सडकों पर बारिश का पानी बह निकला।
बौंली. बौंली में मंगलवार अल सुबह से बारिश का दौर लगातार जारी रहा। शाम चार बजे तक तहसील मुख्यालय पर 62 एमएम बारिश दर्ज की गई।
शिवाड़. कस्बे सहित ईसरदा, सारसोप, टापुर, महापुरा में मंगलवार को लगभग एक घंटे तक बारिश हुई, लेकिन बांधों में पानी आया।
पीपलदा. कस्बे सहित क्षेत्र में मंगलवार को करीब बीस मिनट तक अच्छी बारिश हुई। इसके चलते सडको पर बारिश का पानी बह निकला।
बांधों में बढ़ रहा पानी
मौसम उप केन्द्र के उप पर्यवेक्षक बजरंग लाल जाट ने बताया कि बारिश से सबसे अधिक पानी खण्डार क्षेत्र के मान सरोवर बांध में आया है। इससे मंगलवार तक देवुपरा बांध में 12 फीट 6 इंच, पांचोलास 10.4, गिलाईसागर में 12.4, मुई 5, भगवतगढ़ 5.3, सूरवाल 11.11, नागोलाव 2.3, मानसरोवर 21, मोरासागर 6.6, भूलनवाला 6.7, नाग तलाई 4.2, मोतीसागर 2.0, बनियावाला 1.8, गण्डाल 4.9, चंदापुरा में एक फीट 8 इंच पानी आया है, जबकि ढील, लिवाली व आंकोदिया बांध अभी रीते हैं।
Published on:
25 Jul 2018 02:19 pm
