
सवाईमाधोपुर. आलनपुर के दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र चमत्कारजी में निर्वाण लड्डू चढ़ाते श्रद्धालु।
किया अभिषेक, निर्वाण लड्डू चढ़ाया
सवाईमाधोपुर. दिगम्बर जैन समाज की ओर से रविवार को जैन धर्म के छठें तीर्थंकर भगवान पदमप्रभु का मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया गया। मंदिर समितियों के सानिध्य में जिनालयों में उत्साहपूर्वक मोक्ष के प्रतीक स्वरूप निर्वाण लड्डू चढ़ाए गए। जिनालय परिसर जयकारों से गुंजायमान हुए।
महोत्सव की शुरुआत जिनालयों में सुबह जिनेन्द्र देव के अभिषेक शांतिधारा की गई। प्रवक्ता प्रवीणकुमार जैन ने बताया कि आलनपुर दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र चमत्कारजी में श्रावक-श्राविकाओं ने देव-शास्त्र-गुरू की पूजा कर अघ्र्य चढ़ाने के बाद निर्वाण कांड का उच्चारण किया। इस दौरान मंजू पहाडिय़ा, इंद्रा श्रीमाल, विमलेश जैन, निर्मला श्रीमाल द्वारा भजनों प्रस्तुतियों दी।
पूजन के बाद जिनेन्द्र देव की आरती उतारी। शहर स्थित मुदायमी दिगम्बर जैन मंदिर में सुगनचन्द छाबड़ा द्वारा किए गए शास्त्र वाचन के दौरान भगवान पदमप्रभु के जीवन चरित्र को आत्मसात करने पर जोर देते हुए धर्म की राह पर चलने के लिए प्रेरित किया। इस मंत्री रमेश भसावड़ी, कोषाध्यक्ष अशोक पाण्ड्या, चमत्कारजी मंदिर के सीनियर मैनेजर शनि जैन, जूनियर मैनेजर दीपक सौगानी, पुजारी राजेश श्रीमाल, हीरामणी बाकलीवाल, अनिता गोधा आदि मौजूद थे।
सामवेद पारायण महायज्ञ की प्रभात फेरी के साथ शुरुआत
सहारनपुर से आई हुई विदुषी संगीता आर्या ने वैदिक धर्म से संबंधित दिए प्रवचन
सूरवाल. स्वामी आत्मानंद महाराज की प्रेरणा से सामवेद पारायण महायज्ञ की शुरुआत रविवार को प्रभात फेरी से की गई। इसमें गुरुकुल मलारना चौड़ के आर्यवीर दल ने आत्मरक्षा के करतब दिखाए। इसके बाद गुरुकुल सेवा समिति के अध्यक्ष विश्राम आर्य द्वारा ओम के ध्वज का ध्वजारोहण किया गया। भजन प्रवचन का कार्यक्रम शुरू किया गया।
इसमें उत्तरप्रदेश सहारनपुर से आई हुई विदुषी संगीता आर्या ने वैदिक धर्म से संबंधित और महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन पर आधारित भजनों की आकर्षक प्रस्तुति दी। इसके अलावा स्वामी आत्मानंद महाराज ने सभी को वेद की ओर मुडऩे के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वेद सभी सत्य, विद्याओं की पुस्तक है।
वेद का पढऩा और पढ़ाना सभी आर्यों का परम धर्म है। इसके अलावा उड़ीसा से आए हुए आचार्य राकेश ने भी वैदिक धर्म से संबंधित अपने प्रवचन दिए। मंच संचालन व्याख्याता महीलाल आर्य ने किया। कार्यक्रम की पूर्णाहुति मंगलवार को होगी। इसमें प्रात:कालीन सत्र में यज्ञ एवं हवन होगा और भजन प्रवचन किए जाएंगे। रात्रि में शंका समाधान एवं भजन प्रवचन होंगे।
Published on:
05 Feb 2018 07:56 pm
