
खण्डार ट्रांसफार्मर को लिए सहायक अभियंता कार्यालय पर जमा लोग ।
खण्डार. उपखण्ड मुख्यालय सहित आस पास के क्षेत्र के लोगों को विद्युत विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसानों को फसल बुवाई के समय पर ट्रांसफार्मर नहीं मिल रहे है। इस कारण से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान सागर, कमलेश, सियाराम, मांग्या आदि ने बताया कि चना व गेहूं की फसल की बुवाई के समय पर निगम की ओर से ट्रांसफार्मर नहीं दिए जा रहे है। इससे फसल बुवाई नहीं हो रही है। डिमाण्ड नोटिस जमा, फिर भी नहीं मिल रहा सामान : किसान भरत, राधेगोपाल, काशीराम आदि ने बताया कि निगम को डिमाण्ड नोटिस जमा करवाने के बाद भी किसानों को ट्रांसफार्मर व सामान नहीं मिल रहा है। इसके चलते किसानों को निगम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जबकि किसानों ने आठ आठ माह पहले से ही डिमाण्ड नोटिस जमा करवा दिया है।
सूख रही है फसलें : किसानों ने बताया कि बिजली ट्रांसफार्मर के अभाव में किसानों की मिर्च की फसल खेत में सूख रही है। टमाटर व अन्य सब्जियों के भी यही हाल है। इससे किसानों को फसल की लागत भी नसीब नहीं होगी। किसानों ने जिला कलक्टर के नाम पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
इस समय में ट्रांसफार्मर आगे से भी कम आ रहे हैं। जैसे जैसे ट्रांसफार्मर आ रहे हैं वैसे ही बांटे जा रहे हैं।
हेमवती नन्दन शर्मा, कार्यवाहक सहायक अभियंता खण्डार
उड़द व मूंग की खरीद नहीं किसानों की टूटने लगी उम्मीदेंं
खण्डार. क्षेत्र के किसानों को अपनी फसल के सही दाम के लिए भी दर दर भटकना पड़ रहा है।सरकारी आदेशों के बाद भी किसानों को अभी तक एक बोरी उड़द भी नहीं तुल सका है। कस्बे में छापर कॉलोनी स्थित क्रय विक्रय सहकारी समिति की ओर से तीन अक्टूबर से खरीद केन्द्र के माध्मम से जिंस की खरीद की जानी थी, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई सार्थक कार्रवाई नहीं की गई। इससे किसानों की उम्मीद टूटने लगी है। राजफेड व प्रशासन तुलाई की रोज नई तारीखों का एलान कर रहे हैं।
एक माह से परेशान है किसान
किसान नेता मेमराज जाट ने बताया कि उड़द व मंूग की फसल को खरीद केन्द्र पर तोलने के लिए किसान गत एक माह से खरीद केन्द्र के चक्कर लगा रहा है, लेकिन खरीद केन्द्र पर से कोई सन्तुष्टिपूर्ण जवाब नहीं मिले के कारण किसान को भटकना पड़ रहा है।
बाजार में भाव है कम
किसान नेता महावीर सिंह गण्डासिया ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर उड़द के भाव 5600 प्रति क्विंटल है, लेकिन खरीद केन्द्र शुरू नहीं होने से बाजार किसानों के सस्ते भाव में ही उड़द बेचने पड़ रहे हैं। इससे किसान की लागत मूल्य का खर्चा भी नहीं निकल रहा हैं।
समर्थन मूल्य पर उड़द की तुलाई शुरू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले को लेकर राजफेड के अधिकारियों से बात चल रही है। किसानों के रजिस्ट्रेशन नहीं होने से तुलाई का कार्य अटका हुआ है।
राकेश मीणा, एसडीओ खण्डार
अभी राजफेड की ओर से किसी भी तारीख के लिए कोई अधिकारिक रूप से घोषणा नहीं हुई है । 12 नवम्बर खसरा गिरदावरी के अपलोड करने की कोई तारीख नहीं है। आदेश आने पर किसानों को बता दिया जाएगा।
नेहा जैन, व्यवस्थापक, क्रय विक्रय सहकारी समिति, खण्डार
Published on:
05 Nov 2018 03:53 pm
