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सवाईमाधोपुर. जिले में किसानों की समस्या थमने का नाम नहीं ले रही है। गत शनिवार को भले ही यूरिया खाद की दूसरी रैक आ गई हो लेकिन अभी भी कई किसानों के पास यूरिया खाद नहीं पहुंचा है। स्थिति ये है कि जिले में कुल 50 से 55 हजार मिट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता है,
जबकि अभी तक केवल 35 हजार मिट्रिक टन यूरिया की सप्लाई हो सका है। ऐसे में रबी के सीजन में किसानों को अभी करीब 10 हजार मिट्रिक टन यूरिया की और आवश्यकता है। वहीं इन दिनों 6 हजार मिट्रिक टन की जरूरत है, ताकि किसान गेहूं व अन्य फसलों में पहली सिंचाई के दौरान यूरिया का छिड़काव कर सकें।
जानकारी के अनुसार गत शनिवार को 3 हजार 194 मीट्रिक टन यूरिया खाद मालगाड़ी से रेलवे प्लेटफार्म पहुंचा। यहां से यूरिया के कट्टों को ट्रकों में भरकर सहकारी समितियों के लिए भेजा गया, लेकिन कई सहकारी समितियों में यूरिया आते ही किसानों की कतार लग गई और यूरिया बिक गया। ऐसे में कई किसानों को यूरिया किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
बंद रहा केन्द्र,लौटे किसान
रैक आने के बाद शनिवार को विभिन्न सोसायटियों में यूरिया कट्टो का वितरण किया गया। इस दौरान कई सोसायटियों में देरी से पहुंचा। किसानों को यूरिया उपलब्ध नहीं हो सका। दूसरे दिन रविवार को करमोदा स्थित इफको यूरिया बिक्री केन्द्र पर यूरिया खाद लेने पहुंचे, लेकिन केन्द्र बंद होने से किसान वापस घर लौट गए।
6 हजार मिट्रिक टन की और आवश्यकता
इफको अधिकारियों के अनुसार जिले में रबी के सीजन में बुवाई की मांग को देखते हुए अब 6 हजार मिट्रिक टन यूरिया की और आवश्यकता है। गत दिनों आया 3194 मिट्रिक टन यूरिया लगभग खत्म हो गया है। कुछ सोसायटियों में रखा है, लेकिन अवकाश के चलते वितरण नहीं हो सका।
किसानों को पड़ रही जरूरत
इन दिनों जिले में रबी फसलों की बुवाई हो गई है। इसके लिए किसानों को यूरिया खाद की आवश्यकता पड़ रही है। जिले में अधिकतर यूरिया ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन इन दिनों आपूर्ति कम होने से सहकारी समितियों को मांग के अनुरूप खाद नहीं मिल रहा है। इसके चलते रोजाना संचालकों को किसानों की सुननी पड़ रही है।
फैक्ट फाइल
-जिले में गत दिनों 3194 मैट्रिक टन यूरिया खाद विभिन्न सोसायटियों को उपलब्ध कराई गई है। किसानों की मांग को देखते हुए 15 दिसम्बर तक एक और रैक आने की संभावना है।
पीएल मीना, उपनिदेशक, कृषि विस्तार, सवाईमाधोपुर
यूरिया की है जरूरत
इन दिनों रबी फसल गेहूं में पहली सिंचाई के दौरान यूरिया की आवश्यकता है। गत दिनों आई रैक सोसायटियों में वितरण के बाद लगभग खत्म हो गई है। जिले में अभी भी छह हजार मैट्रिक टन यूरिया की और आवश्यकता है। इसके लिए जयपुर में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
मनोज कुमार मीणा, क्षेत्रीय अधिकारी इफको, सवाईमाधोपुर
Published on:
10 Dec 2018 12:28 pm
