
गंगापुरसिटी के राजकीय कॉलेज में तैयार किए गए बगीचे में खिल रहे फूल और नजर आती हरियाली।
गंगापुरसिटी. गुलाब की महक और मोगरे की खुशबू के साथ छाई हरियाली और मन को आनन्दित करते विभिन्न किस्मों की फूल-पत्तियां। यह नजारा किसी नर्सरी का नहीं, बल्कि गंगापुरसिटी के राजकीय महाविद्यालय परिसर में तैयार किए गए गार्डन का है। कुछ महिनों पहले तक महाविद्यालय में जो स्थान घास-फूस खरपतवार से अटा था और विद्यार्थी-स्टाफ उधर से गुजरने में भी कतराता था, वही स्थान अब मन को सुकून दे रहा है। जी हां महाविद्यालय स्टाफ ने बगीचा तैयार करने की ठानी और अब उनकी मेहनत रंग लाई है। इससे कॉलेज परिसर में बगिया महक रही है। इस बगिया को तैयार करने के लिए प्राचार्य के नेतृत्व में व्याख्याताओं ने भरपूर सहयोग किया। नतीजतन अब गार्डन में एक नहीं अनेक किस्मों के फूल और छायादार पौधे पनप रहे हैं। इससे वातावरण तो अच्छा लगने ही लगा है। साथ ही स्टाफ और विद्यार्थियों को सुकून के दो पल बैठने के लिए भी अच्छी जगह मिलने लगी है। गौरतलब है कि सितम्बर माह में महाविद्यालय का नेक टीम ने भी दौरा किया था।
खिल रहे गुलाब, महक रहा मोगरा
कॉलेज भवन के अन्दर काफी खाली जगह है। इसमें महज 6 माह पहले खरपतवार और कबाड़ा पड़ा था। इससे परिसर का उपयोग भी नहीं हो पाता। साथ ही सफाई का भी अभाव नजर आता। ऐसे में व्याख्याताओं ने सामूहिक प्रयास कर खरपतवार को हटवाकर मैदान को साफ कराया। इसके बाद इसमें गुलाब, मोगरा, चमेली, चम्पा, गुलदाउदी, रजनीगंधा, गैंदा, हजारा, सदाबहारी आदि फूलों के पौधे रोपे। वहीं साइकस, फाइकस, फिस पान, फिस, अशोक, कलकत्ती कदम, अर्जुन, शहतूत आदि के पौधे लगाए। बगिया को विकसित करने के लिए की गई मेहनत का परिणाम है कि पौधों में शानदार फूल खिलने लगे हैं।
पानी का टोटा, तो डलवाए टेंकर
कॉलेज में पानी का टोटा है। केवल नल के जरिए पानी आता है, जिससे बगीचे में सिंचाई के लिए पानी की परेशानी सामने आई तो व्याख्याताओं ने सामूहिक रूप से राशि एकत्रित कर पानी के टेंकर मंगवाए। साथ ही गार्डन की देखभाल के लिए एक व्यक्ति को भी लगाया हुआ है।
गर्मी में भी रखेंगे हरा
कॉलेज व्याख्याताओं का कहना है कि गर्मी में बगीचे में पानी की अधिक आवश्यकता होगी। बगीचे को हरा-भरा रखने के लिए गर्मियों में भी पानी के टेंकर मंगवाकर पौधों की सिंचाई की जाएगी।
तन-मन-धन से सहयोग किया
महाविद्यालय के व्याख्याताओं ने बगीचे को तैयार करने में तन-मन-धन से सहयोग किया है। इसीका नतीजा है कि आज बगीचे में विभिन्न किस्मों के फूल खिले हैं और छायादार पौधे भी बड़े हो रहे हैं। साथ ही धूब भी छाई है।
पीआर मीना, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय गंगापुरसिटी
Published on:
01 Feb 2018 10:54 am
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