
जीवन रेखा पर कटौती की मार
गंगापुरसिटी. बहुप्रतीक्षित चम्बल-सवाईमाधोपुर-नादौती पेयजल परियोजना से अब गंगापुर शहर को भी इसी माह से पेयजल मिल सकेगा। इसके माध्यम से जल संकट वाले कई क्षेत्रों में पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सकेगा। यह बात शुक्रवार को जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कही। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी हिस्सों में पेयजल और सिंचाई के लिए समुचित पानी उपलब्ध कराने के लिए कई परियोजनाओं पर काम कर रही हैं। 13 वर्ष पहले शुरू की गई इस लिफ्ट परियोजना को पुनर्जीवित किया है। जल संसाधन के प्रमुख शासन सचिव रजतकुमार मिश्र ने बताया कि परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। अब 15 से 20 दिन में गंगापुरसिटी तक चम्बल का पानी पहुंच जाएगा। इससे क्षेत्र में प्रतिदिन 50 लाख लीटर अतिरिक्त पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी।
बदलेगी 13 जिलों की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 37 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) पर भी काम कर रही हैं। इस परियोजना से राज्य के पूर्वी हिस्से के 13 जिलों सवाईमाधोपुर, करौली, धौलपुर, दौसा, टोंक, भरतपुर, कोटा, बूंदी, अलवर, बारां, झालावाड़, अजमेर और जयपुर में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। ईआरसीपी परियोजना के तहत पार्वती, कालीसिंध, मेज एवं चाकन सहित विभिन्न नदियों के पानी को व्यर्थ बहकर जाने से रोककर सिंचाई और पेयजल के उपयोग में लाया जाएगा। इस परियोजना को धौलपुर एवं चम्बल लिफ्ट परियोजनाओं से भी जोड़ा जाएगा। इन जिलों में किसानों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
मण्डी परिसर में बनेगा ऑडिटोरियम
जनसंवाद में व्यापारियों और प्रबुद्धजनों की मांग पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मंडी परिसर में ऑडिटोरियम निर्माण के लिए चार करोड़ रुपए की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आठ करोड़ 74 लाख रुपए से पुरानी नगर पालिका भवन पर कॉमर्शियल-कम-ऑफिस भवन का निर्माण कराया जाएगा। जनसंवाद में सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया, विधायक मानसिंह गुर्जर, जलदाय विभाग के प्रमुख सचिव रजत मिश्र, प्रमुख शासन सचिव खनिज अपर्णा अरोरा, संभागीय आयुक्त सुबीर कुमार, आईजी आलोक वशिष्ठ, कलक्टर पीसी पवन भी थे।
Published on:
09 Jun 2018 11:49 am
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