
शिक्षा में गुणवत्ता सुधार को लेकर राजकीय माध्यमिक विद्यालय मानटाउन में चल रहे छह दिवसीय नवाचार शिविर के चौथे दिन रविवार को यहां अव्यवस्थाओं का आलम रहा। शिविर में खराब नाश्ता मिलने पर शिक्षकों ने हंगामा कर नाराजगी जताई।
बाद में शिविर व्यवस्थापकों ने शिक्षकों के लिए दुबारा नाश्ता मंगाया, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
इसके बाद प्रशिक्षण शुरू हो सका। प्रशिक्षण शिविर में करीब 320 शिक्षकों का पंजीयन है, लेकिन रविवार को शिक्षकों की काउंसलिंग होने के चलते शिविर में 285 ने ही भाग लिया। नाश्ते में शिक्षकों को समौसे व सोनपपड़ी दी गई, लेकिन नाश्ते में केरोसिन की बदबू आने से शिक्षकों ने खाने से मना कर दिया। शिक्षकों का आरोप है कि शिविर में प्रति प्रशिक्षणार्थी 30 रुपए नाश्ते का बजट आता है, लेकिन उन्हें महज एक समौसे व सोनपपड़ी में ही टाला जा रहा है।
प्यास से सूख गया गला
प्रशिक्षण शिविर के दौरान शिक्षकों के लिए पीने के पानी के भी प्रबंध नहीं किए गए। पानी नहीं होने के कारण गर्मी में शिक्षण पेयजल के लिए तरसते नजर आए। उन्हें स्वयं के खर्चे पर पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ी।
इनका कहना है...
शिविर में आए नाश्ते की कुछ प्लेटों में केरोसिन की बदबू आने की शिकायत मिली थी। इसके बाद नाश्ते को बदलाकर दुबारा मंगवाकर शिक्षकों को दे दिया गया। शिविर में पानी की भरपूर व्यवस्था है। कैंपर आने में देरी हो गई थी।
रतनलाल गुप्ता
शिविर व्यवस्थापक।
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