सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर पार्क भ्रमण पर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को अब जल्द ही पार्क भ्रमण के दौरान और अधिक सुविधा होगी। दरअसल वन विभाग की ओर से रणथम्भौर बाघ परियोजना में भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों के लिए तीन नए एंट्री प्वाइंट यानि एंट्री गेट खोलने की तैयारी की जा रही है। जानकारी के अनुसार इसके लिए स्थानीय वन अधिकारियों को उच्च अधिकारियों से भी मौखिक अनुमति मिल चुकी है। उच्च अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद अब वन विभाग के अधिकारियों ने तीन नए एंट्री प्वाइंट यानि गेट बनाने के लिए जगहों को चिह्नित करने की दिशा में काम भी शुरू कर दिया गया है। सूत्रों की आने तो एक अक्टूबर से शुरू होने वाले नए पर्यटन सत्र से रणथम्भौर में तीन नए एंट्री प्वाइंट बनाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए पहले वन विभाग की ओर से रणथम्भौर बाघ परियोजना के कोर व बफर जोन को भी फिर से घोषित किया जाएगा। वनअधिकारियों ने बताया कि पूर्व में जब रणथम्भौर में पर्यटन शुरू किया गया था तब संसाधनों की कमी के कारण रणथम्भौर के कोर व बफर जोन को उचित तरीके से घोषित नहीं किया गया था। ऐसे में अब जल्द ही विभाग की ओर से रणथम्भौर बाघ परियोजना का सर्वे कराकर नए कोर व बफर एरिया का प्रस्ताव भी उच्च अधिकारियों को भिजवाया जाएगा।
वर्तमान में रणथम्भौर में पांच एंट्री प्वाइंट
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में रणथम्भौर में दस जोनो में पर्यटन होता है। इन दस जोनों में भ्रमण पर जाने के लिए वर्तमान में पांच एंट्री गेट है। इनमें गणेश धाम गेट, राजबाग नाका गेट, आलनपुर की सामाजिक वानिकी नर्सरी गेट, फलौदी रेंज में जोन नौ व जोन दस पर भ्रमण पर जाने के लिए एंट्री गेट शामिल है। अब विभाग की ओर से रणथम्भौर में पर्यटकों के लिए तीन नए एंट्री गेट बनाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।
वन विभाग ने इसलिए लिया फैंसला
वन अधिकारियों ने बताया कि रणथम्भौर में लाखों की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक पार्क भ्रमण के लिए आते है। पीक सीजन और त्योहारों के समय में यहां पर्यटकों की संख्या में और अधिक इजाफा हो जाता है। ऐसे में पर्यटकों की तादाद अधिक होने और पार्क भ्रमण के लिए एंट्री प्वाइंट कम होने के कारण कई बार पार्क के एंट्री प्वाइंट पर पर्यटन वाहनों की लम्बी कतार लग जाती है। साथ ही कई बार पर्यअन वाहनों की संख्या अधिक होने और यातायात का दबाव अधिक होने के कारण मार्ग में कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती है। ऐसे में कई बार पर्यटक घंटों तक जाम में फंसे रहते है और पर्यटकों का सफारी टाइम निकल जाता है, ऐसे में पर्यटकों को पूरी सफारी करने को नहीं मिल पाती है।
भदलाव, झूमर बावडी में शुरू हो सकता है एंट्री प्वाइंट
हालांकि अब तक विभाग की ओर से रणथम्भौर में तीन नए एंट्री प्वाइंट शुरू करने के लिए जगह निश्चित नहीं की गई है लेकिन सूत्रों की माने तो एक एंट्री प्वाइंट झूमर बावडी से, एक भदलाव से और एक खण्डार रोड की ओर से विकसित किया जा सकता है। भदलाव व झूमर बावडी में पूर्व में ही वन विभाग की ओर से रास्ते तैयार किए जा चुके है।
नए जोन के प्रस्ताव पर भी लग सकती है मोहर
पूर्व में वन विभाग की ओर से पर्यटकों की सुविधा के लिए रणथम्भौर में पांच नए पर्यटन जोन शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था।इसमें खण्डार में दो, आरओपीटी में एक व कुण्डेरा में दो नए जोन शुरू करने की योजना बनाई गई थी। हालांकि अब तक इस तस्पताव को उच्च अधिकारियों से हरी झण्डी नहीं मिल सकी है लेकिन अब रणथम्भौर में पर्यटकों के लिए तीन नए एंट्री प्वाइंट को स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही रणथम्भौर में नए पर्यटन जोन शुरू होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
इनका कहना है…
रणथम्भौर में पर्यटकों की सुविधा के लिए तीन नए एंट्री प्वाइंट शुरू करने की योजना है, लेकिन अभसी यह योजना प्राथमिक स्तर पर है। अभी इस संबंध में लिखित में आदेश नहीं मिले है लेकिन निकट भविष्य में इस तरह की योजना पर काम किए जाने की संभावना है।
– मानस सिंह, एसीएफ, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।