
चकचैनपुरा स्थित अमरूद मण्डी में किसानों के अभाव में सूने पड़े तुलाई कांटे।
सवाईमाधोपुर. जिले में समर्थन मूल्य पर भले ही उड़द की खरीद केन्द्र शुरू हो चुके है, लेकिन अभी तक किसानों के पास तुलाई के लिए मैसेज नहीं आ रहे हैं, जबकि किसानों ने नई गिरदावरी रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड करा दी है। हालांकि पूर्व में कई केन्द्रों पर किसान खरीद केन्द्रों पर कृषि जिंस लेकर पहुंचे तो, वहां पुरानी गिरदावरी व जमाबंदी को देखकर केन्द्र पर तुलाई नहीं की गई। इससे किसान मायूस होकर वापस लौट गए।
दरअसल, पंजीयन के समय पटवारियों के हड़ताल पर होने से किसानों को गिरदावरी नहीं मिल सकी थी। ऐसे में किसानों ने दस्तावेज पूरे करने के लिए जमाबंदी और पुरानी गिरदावरी अपलोड करा दी थी। इससे समर्थन मूल्य पर खरीद में ही पेंच फंस गया है। हालांकि बाद में किसानों से 16 अक्टूबर तक नई गिरदावरी रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड कराने को कहा गया था। जिले में समर्थन मूल्य पर उड़द खरीद के लिए सवाईमाधोपुर, चौथकाबरवाड़ा, खण्डार, बौंली व गंगापुरसिटी में खरीद केन्द्र बनाए गए है। लेकिन अभी तक बहुत की कम किसानों के पास तुलाई के लिए मैसेज आ रहे है।
जिला मुख्यालय पर अब तक नहीं तुलाई
जिले में राजफेड के माध्यम से क्रय-विक्रय सहकारी समिति ने पांच ब्लॉकों में समर्थन मूल्य पर उड़द खरीद केन्द्र खोले हैं, लेकिन जिला मुख्यालय पर पिछले एक सप्ताह से एक भी किसान तुलाई के लिए नहीं आया है। इसके पीछे खरीद केन्द्र संचालकों का तर्क था कि किसानों की ओर से रजिस्ट्रेशन के समय जमाबंदी और पुरानी गिरदावरी दी गई थी। इसमें वर्तमान गिरदावरी लगाने पर ही समर्थन मूल्य पर खरीद की जाएगी।
-एक सप्ताह पहले रजिस्ट्रेशन तो शुरू कर दिए। इस दौरान पटवारियों की हड़ताल से गिरदावरी रिपोर्ट तैयार नहीं हुई। इस बीच में करीब 3-4 दिन तक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बंद रही। अब विभाग की ओर से कुछ ही रजिस्ट्रेशन होने के बाद गुपचुप तरीके से रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए है। इससे समर्थन मूल्य पर माल बेचने में परेशानी हो रही है।
रामावतार मीना, जिलाध्यक्ष, किसान संघ, सवाईमाधोपुर
-जिले में एक हजार से अधिक किसानों का ऑनलाइन पंजीयन किया गया है। लेकिन कुछ ही किसानों को गिरदारी ऑनलाइन संलग्न करने के मैसेज आए है। आज तक एक भी किसान का तुलाई नहीं हुई है। तुलाई के दौरान किसानों की पहचान पोस मशीन से की जाए, मूल किसानों को फायदा हो। खरीद केन्द्र पर हो रहे घोटाले से बचा जा सकें।
लटुरसिंह गुर्जर, प्रदेश सहकारिता प्रमुख, भारतीय किसान संघ
नहीं आया मैसेज
4अक्टूबर को गिरदावरी रिपोर्ट नहीं होने से जमाबंदी नकल के आधार पर रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद गिरदावरी रिपोर्ट संलग्न कर ऑनलाइन अपलोड कराई थी। अब तक खरीद केन्द्र पर माल लेकर आने के लिए मैसेज नहीं मिला है।
गजानंद जाट, किसान, कुस्तला
नई गिरदावरी के बाद आएगा मैसेज
-खरीद केन्द्र पर पहुंचे किसानों के अधूरे व गलत दस्तावेज अपलोड होने से खरीद नहीं की गई। नई गिरदावरी रिपोर्ट के लिए 16 अक्टूबर तक ऑनलाइन कराने का समय दिया गया था। नई गिरदावरी ऑनलाइन पंजीयन के बाद अब राजफेड किसानों पास अब तुलाई के लिए मैसेज भेजेगा।
नरेश साहू, व्यवस्थापक, क्रय-विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड सवाईमाधोपुर
-पिछले दिनों पटवारियों की हड़ताल से गिरदावरी तैयार नहीं हुई थी। ऐसे में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बंद होने के भय से जल्दबाजी में पुरानी गिरदावरी रिपोर्ट अपलोड कर दी। मैसेज मिलने पर गत दिनों मण्डी में माल लेकर पहुंचे, लेकिन पुरानी गिरदावरी अपलोड होने से वापस लौटा दिया।
मेमराज चौधरी, किसान, गोठड़ा
Updated on:
18 Oct 2018 12:09 pm
Published on:
18 Oct 2018 12:09 pm
