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अब रणथम्भौर आए पर्यटकों को चंबल घड़ियाल अभयारण्य का होगा दीदार, वाटर टूरिज्म का भी उठाएंगे आनन्द

Sawaimadhopur News : रणथम्भौर भ्रमण पर आए पर्यटकों को अब चम्बल अभयारण्य तक घुमाया जाएगा। खास बात यह है कि प्रारम्भिक तौर पर यह व्यवस्था पीक सीजन में करंट ऑनलाइन टिकट बुकिंग फुल होने पर पर्यटकों को राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में भ्रमण का एक और विकल्प मिलेगा।
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सवाई माधोपुर

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Kirti Verma

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Updated: 29 Feb 2024, 11:43 AM IST

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Rajasthan Tourism: रणथम्भौर भ्रमण पर आए पर्यटकों को अब चम्बल अभयारण्य तक घुमाया जाएगा। खास बात यह है कि प्रारम्भिक तौर पर यह व्यवस्था पीक सीजन में करंट ऑनलाइन टिकट बुकिंग फुल होने पर पर्यटकों को राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में भ्रमण का एक और विकल्प मिलेगा। ताकि सवाईमाधोपुर और रणथम्भौर आए देशी विदेशी पर्यटक निराश होकर नहीं लौटना पड़े। पर्यटक जंगल सफारी के साथ वाटर ट्यूरिज्म का भी आनन्द ले सकेंगे। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका ने 27 फरवरी के अंक में ‘‘ चंबल अभयारण्य और रणथम्भौर के भ्रमण की कॉम्बो टिकट योजना फाइलों में बंद’’ शीर्षक से प्रदेश स्तर पर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें रणथम्भौर सहित चंबल घड़ियाल अभयारण्य तक पर्यटकों की कोम्बो प्लान के तहत पर्यटन की अपार संभावनाओं को बताया गया था। खबर प्रकाशन के बाद तत्काल हरकत में आए वन विभाग की ओर से अब इस तरह की पहल करने की दिशा में काम शुरू किया है।

वन विभाग उपलब्ध कराएगा कैंटर व जिप्सी
वन विभाग की ओर से जल्द ही पर्यटकों की भीड़ अधिक होने और रणथम्भौर के टिकट फुल होने पर शेष बचे पर्यटकों को प्राथमिकता देकर अभयारण्य के भ्रमण के लिए कैंटर जिप्सी उपलब्ध कराई जाएगी। यह वाहन आवासन मण्डल रोड स्थित पुराने बुकिंग विण्डो से ही बुक किए जाएंगे।

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अभी विशेष दिन रहेगी यह व्यवस्था
रणथम्भौर सहित चंबल में पर्यटन को लेकर फिलहाल विभाग की ओर से की जा रही व्यवस्था को विशेष दिन के लिए किया जा रहा है। जिस दिन पर्यटक अधिक होंगे या भीड़ ज्यादा होगी। उस दिन रणथम्भौर घूमने से वंचित पर्यटकों को यह ऑप्शन उपलब्ध करवाया जाएगा। विभाग कॉम्बो योजना के सॉफ्टवेयर पर काम कर रहा है। आगामी दिनों व्यवस्था नियमित होने के आसार है।


वाहन यूनियन के साथ की जा रही वार्ता
वन विभाग की ओर से इस संबंध में रणथम्भौर व्हीकल ऑनर्स यूनियन के साथ वार्ता की जा रही है। विभाग की ओर से चंबल अभयारण्य तक ले जाने के लिए कैंटर व जिप्सी का एक निश्चित शुल्क निर्धारित किया जाएगा। इस व्यवस्था में भी पर्यटन वाहनों का संचालन रोस्टर प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाएगा।

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रणथम्भौर में पर्यटकों की आवक अधिक होने पर कई पर्यटकों को टिकट नहीं मिल पाता है। ऐसे में प्रारम्भिक स्तर पर विभाग की ओर से शेष बचे पर्यटकों को प्राथमिकता देकर चंबल घडियाल अभयारण्य का भ्रमण कराया जाएगा। इससे पर्यटक वाटर ट्यूरिज्म का भी आनन्द उठा सकेंगे।
प्रमोद धाकड़, उपवन संरक्षक (पर्यटन), रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।