रणथम्भौर में पर्यटकों की आवक अधिक होने पर कई पर्यटकों को टिकट नहीं मिल पाता है। ऐसे में प्रारम्भिक स्तर पर विभाग की ओर से शेष बचे पर्यटकों को प्राथमिकता देकर चंबल घडियाल अभयारण्य का भ्रमण कराया जाएगा। इससे पर्यटक वाटर ट्यूरिज्म का भी आनन्द उठा सकेंगे।
प्रमोद धाकड़, उपवन संरक्षक (पर्यटन), रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।