
सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर डिपो को भले ही राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम मुख्यालय से आठ नई बसें मिल गई हो, मगर अब भी स्थानीय रोडवेज डिपो परिचालकों की कमी की समस्या से जूझ रहा है। राजस्थान सहित सवाई माधोपुर में भी फिर से राजस्थान रोडवेज की बसों के लिए ठेके पर नए बस सारथी लेने की तैयारी चल रही है। गौरतलब है कि सवाई माधोपुर रोडवेज ने भी 30 नए बस सारथी लेने की डिमांड मुख्यालय को भेजी है। इनमें से 17 की मिल गई है, जबकि 13 और मिलनी है।
रोडवेज प्रबंधन अब धीरे-धीरे निजीकरण की ओर बढ़ता जा रहा है। चालक-परिचालकों की कमी से जूझ रहा रोडवेज प्रबंधन अब पराए कंधों के सहारे चक्के घुमा रहा है। प्रदेश में डिपो स्तर पर बस सारथी योजना के तहत ठेके पर नए बस सारथी लिए जा रहे हैं। इससे परिचालकों की कमी को पूरा किया जाएगा।
योजना के तहत चुने गए चालकों को किमी के हिसाब से वेतन मिलेगा। हर माह 10 हजार किमी के लिए 13 हजार रुपए का मानेदय मिलेगा। किसी महीने बस 10 हजार किमी से अधिक चलती है, तो अतिरिक्त किलोमीटर के लिए उन्हें 15 रुपए किमी की प्रोत्साहन राशि अतिरिक्त मिलेगी।
कार्मिकों की कमी से बस सारथी योजना लागू की गई है। अनुबंध के आधार पर बसों में ड्राइवर और परिचालकों की भर्ती की जाती है। उन्हें निर्धारित रूट पर टारगेट के अनुसार राजस्व एकत्र कर रोडवेज मुख्यालय में जमा कराना होता है। इसके बदले उन्हें मानदेय मिलता है।
वर्तमान में डिपो से 30 शेड्यूल चल रहे हैं, जबकि सवाईमाधोपुर डिपो से से 34 शेड्यूल बसों का संचालन किया जाएगा। इन शेड्यूल को चलाने के लिए 53 परिचालकों की आवश्यकता है। परिचालक लगाने से रोडवेज में परिचालकों की कमी दूर होगी। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही डिपो को भी बसों के संचालन में आसानी होगी।
-गजानंद जांगिड़, मुख्य प्रबंधक, रोडवेज डिपो, सवाईमाधोपुर
Published on:
08 Dec 2024 02:39 pm
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