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देशभर में रणथम्भौर अभयारण्य की गिरी रैंकिंग, दूसरे स्थान पर फिसला

रणथम्भौर में भले ही बाघों का कुनबा लगातार बढ़ रहा हो, लेकिन देशभर के टाइगर रिजर्व में इसकी रैंकिंग लगातार गिर रही है। ग्लोबल टाइगर-डे पर नैनीताल के जिमकोरबेट नेशनल पार्क में हुए कार्यक्रम के दौरान मैनेजमेंट इफेक्टिव इवोलेशन सर्वे की रिपोर्ट जारी की गई है।

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सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर में भले ही बाघों का कुनबा लगातार बढ़ रहा हो, लेकिन देशभर के टाइगर रिजर्व में इसकी रैंकिंग लगातार गिर रही है। ग्लोबल टाइगर-डे पर नैनीताल के जिमकोरबेट नेशनल पार्क में हुए कार्यक्रम के दौरान मैनेजमेंट इफेक्टिव इवोलेशन सर्वे की रिपोर्ट जारी की गई है। इसमें देशभर के 51 टाइगर रिजर्व का सर्वे करके उन्हें रैंकिंग जारी की गई है। इस रिपोर्ट में रणथम्भौर को रैंकिंग में दो स्थानों का नुकसान हुआ है। रणथम्भौर अब 33वें स्थान से फिसल कर 35वें स्थान पर जा पहुंचा है।

10 कमेटी का हुआ था गठन
नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) की ओर से कराए गए सर्वे के लिए देशभर में दस कमेटियों का गठन किया गया था। इन कमेटियों में सेवानिवृत अधिकारियों को शामिल किया गया था। इन कमेटियों ने देश के अलग-अलग 51 टाइगर रिजर्व में जाकर सर्वे किया था। सर्वेे के दौरान कमेटियों ने 33 अलग-अलग बिंदुओं के आधार पर सभी टाइगर रिजर्व को अंक दिए थे। इसके बाद सभी टाइगर रिजर्व के अंकों का औसत निकाल कर रैंकिंग जारी की गई है।

प्रदेश के तीनों टाइगर रिजर्व गुड श्रेणी में
भले ही रणथम्भौर को जारी की गई ताजा रैंकिंग में दो स्थानों का नुकसान हुआ हो, लेकिन रणथम्भौर अब भी गुड श्रेणी में है। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य दो टाइगर रिजर्व भी गुड में ही है। रणथम्भौर को जहां 35वां स्थान दिया गया है। वहीं सरिस्का को 43वां और कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व को 46वां स्थान मिला है।

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इसलिए गिरी रैंकिंग
हालांकि, वन विभाग की ओर से इसके कारणों की पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो रणथम्भौर में लगातार बाघों के लापता होने, वनकर्मियों के बडी संख्या में पद रिक्त होने, शिकार की गतिविधियां बढने आदि को कारण माना जा रहा है। रणथम्भौर को 2018 में हुए सर्वे में फेयर केटेगिरी में शामिल किया गया था। इसके बाद हुए सर्वे में रणथम्भौर को गुड केटेगिरी में शामिल करके 33 वां स्थान दिया गया था। लेकिन टाइगर डे पर हाल ही में जारी रैंकिंग में 35वां स्थान मिला है।


हाल ही में एमईई सर्वे की जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार रणथम्भौर को 35वां स्थान दिया गया है। इसके कारणों की जल्दी समीक्षा करके सुधार किया जाएगा ।
अरविन्द कुमार झा, उपवन संरक्षक रणथम्भौर बाघ परियोजना सवाईमाधोपुर

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