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Ranthambore: बाघ के हमले में महिला की मौत, जंगल में लकड़ी बीनने घुसी थी महिला

रणथम्भौर: बाघ के हमले में महिला की मौत, जंगल में लकड़ी बीनने घुसी थी महिला  
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सवाईमाधोपुर . रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान के राजबाग वन क्षेत्र में गुरुवार को बाघ ने महिला पर हमला कर उसकी जान ले ली। बाघ महिला को घसीटता हुआ काफी दूर तक झाडिय़ों में ले गया। उसने पहले गर्दन को दांतों से दबाकर मोड़ दिया। बाद में उसके शरीर के पीछे का काफी हिस्सा खा भी लिया। मुंह भी बुरी तरह नोंच रखा था। मृतक महिला नरौती (62) पत्नी रामप्रसाद महावर निवासी कोली मोहल्ला ब्रह्मपुरी शहर सवाईमाधोपुर थी।

वनाधिकारियों ने बताया कि महिला सुबह करीब 11 बजे ईंधन की लकड़ी लेने के लिए जंगल में गई थी। उसके साथ एक महिला सम्पत देवी निवासी कोली मोहल्ला और थी। दोनों महिलाएं एक साथ जंगल में घुसी थी। लेकिन लकड़ी बीनते-बीनते महिला नरौती आगे चली गई। इस दौरान बाघ ने उस पर हमला कर दिया। इसमें उसकी मौत हो गई। दोपहर करीब एक बजे बाद इसक पता चला। करीब दो घंटे तक चली छानबीन के बाद शव झाडिय़ों में मिला।

कौनसे बाघ का हमला
वनाधिकारियों ने बताया जिस जगह पर महिला का शव मिला है, उसके आसपास बाघ टी-57 तथा बाघ टी-98 का मूवमेंट है। मौके पर दोनों बाघ दिखाई नहीं दिए हैं। सिर्फ पगमार्क ही मौके पर नजर आए हैं। वन विभाग की ओर से इसका पता लगाने के लिए ट्रेङ्क्षकग टीम लगा दी है। इसके अलावा फोटा ट्रेप कैमरे भी लगाए हैं।

जंगल के अंदर की घटना
रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में लकड़ी काटने एवं बिना अनुमति प्रवेश पर प्रतिबंध है। पार्क के चारों ओर सुरक्षा दीवार है। वहीं राजबाग खेल मैदान से जंगल की तरफ आगे चलने पर एक चौकी भी बनी हुई है। साथ गई महिला सम्पत के अनुसार वे दोनों चौकी के निकट स्थित पगडंडी के रास्ते से जंगल के अंदर घुसी थी। राजबाग चौकी इलाके के गाढ़ाडूब एनिकट के पास ये घटना हुई थी। जब ये महिलाएं घुसी तब चौकी पर कोई रोकने वाला नहीं था। वहीं जब चिल्लाती हुई महिला सम्पत जंगल से चौकी पर आई थी, तब उसे वहां कोई कर्मचारी नहीं मिला था।

इनका कहना है...
राजबाग इलाके में बाघ के हमले में महिला की मौत हुई है। महिला शहर इलाके से सटे जंगल में लकड़ी लेने के लिए घुसी थी। आम चौकी पर एक गार्ड रहता है, जबकि जंगल में लोग घुसने के कई रास्ते बना लेते हैं। ऐसे में रोकना मुश्किल हो जाता है। बाघ की पहचान अभी नहीं हुई है। ट्रेकिंग की जा रही है।
संजीव शर्मा, सहायक वन संरक्षक, रणथम्भौर बाघ परियोजना सवाईमाधोपुर

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