
आपात योजना से मिलेगी राहत
गंगापुरसिटी . गर्मी के मौसम में पेयजल की किल्लत बढ़ती जा रही है। पानी की खपत बढऩे के साथ ही पानी का संकट भी बढ़ रहा है। हालांकि जलदाय विभाग की ओर से पेयजल संकट से राहत देने के लिए आपातकालीन योजना स्वीकृत कराई हुई है। विभाग की ओर से वर्ष के प्रारंभ से ही आपात योजना की कवायद शुरू कर दी गई थी। चुनाव की घोषणा से पूर्व इसकी स्वीकृति भी जारी कर दी गई। आचार संहिता समाप्त होने के बाद आपात योजना के कार्यादेश जारी होने की संभावना है।
44 लाख की योजना
विभागीय सूत्रों के अनुसार शहर में पेयजल समस्या से राहत देने के लिए तैयार आपात योजना की लागत 44 लाख रुपए की है। स्वीकृत राशि से 3 नलकूप तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा 10 हैण्डपम्प भी लगाए जाएंगे। साथ ही नए नलकूपों को राइजिंग लाइन से जोडऩे के लिए 1800 मीटर पाइप लाइन भी डाली जाएगी।
बढ़ेगा जल उत्पादन
आपात योजना के कार्य पूरे होने के बाद जल उत्पादन की मात्रा बढ़ेगी। फिलहाल शहरी जल योजना के तहत 48 नलकूप से 46 लाख लीटर पानी का उत्पादन हो रहा है। नए नलकूप स्थापित होने के बाद नलकूपों की संख्या 51 हो जाएगी। साथ ही 3 नए नलकूप से प्रतिदिन 3 लाख लीटर जल उत्पादन बढऩे से रोज 49 लाख लीटर पानी की उपलब्धता संभव होगी। इसके अलावा 10 से 12 लाख लीटर चम्बल का पानी भी वर्तमान में उपलब्ध है।
इन क्षेत्रों में होगा सुधार
आपात योजना के कार्य पूरे होने के बाद शहर के कई क्षेत्रों में जलापूर्ति में सुधार होगा। उदेई मोड़, लाटा हाउस, कर्मचारी कॉलोनी, अग्रवाल नगर एवं सैनिक नगर आदि क्षेत्रों में जलापूर्ति में सुधार होगा। लोगों को वर्तमान की तुलना में अधिक पानी मिल सकेगा।
दो दिन में आपूर्ति
पेयजल की कमी के चलते फिलहाल शहर में दो दिन में एक बार जलापूर्ति की जा रही है। 125 लाख लीटर की मांग की तुलना में नलकूपों से ४६ लाख लीटर और चम्बल परियोजना से 10 से 12 लाख लीटर पानी मिल पा रहा है, जो मांग की तुलना में आधा ही हैं। इसके चलते शहर में पानी की समस्या बनी रहती है।
योजना स्वीकृत है
44 लाख रुपए की आपात योजना पूर्व में ही स्वीकृत है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद कार्यादेश जारी होने की संभावना है। इससे कई क्षेत्रों में आपूर्ति में सुधार होगा।
-डी. एल. सैनी, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग गंगापुरसिटी।
Updated on:
27 Apr 2019 08:48 pm
Published on:
27 Apr 2019 08:48 pm
