
मृत्युभोज एवं टीका प्रथा पर रोक का संकल्प
बामनवास . मृत्युभोज एवं टीका प्रथा पर रोक का संकल्प लेते हुए ब्राह्मण समाज के लोगों ने भी अब सामाजिक बुराईयों को दूर करने का बीड़ा उठाया है। इसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र सामने आने लगेंगे। समय के साथ सामाजिक सुधार और संस्कारवान चरित्र की अवधारणा के साथ ब्राह्मण समाज की तहसील स्तरीय आमसभा मंगलवार को पिपलाई कस्बे के अखिल शिक्षा निकतेन में हुई। आमसभा में तहसील क्षेत्र की चौदह इकाईयों के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान परशुराम जन्मोत्सव मनाते हुए उनके जीवन से समाज के लोगों को प्रेरणा लेते हुए मर्यादित एवं स्वाभिमानी जीवन जीने का संकल्प दिलाया गया। शुरुआत भगवान परशुराम के चित्र पर दीप प्रज्जवलन से हुई। तहसील अध्यक्ष सर्वेश पंचौली ने समाज सुधार की दिशा में प्रस्तावित घोषणा पत्र की जानकारी दी। इसमें मृत्युभोज एवं टीका प्रथा को बंद करने सहित अन्य बिन्दुओं पर चर्चा की गई। सामाजिक कार्यक्रमों में सहयोग के लिए युवाओं की परशुराम सेना भी गठित करने का निर्णय लिया। वहीं दहेज प्रथा, तीये में रिश्तेदारों से भोजन बनवाने, शादी विवाह में बुफे सिस्टम आदि पर चर्चा कर इन बुराईयों से छुटकारे की आवश्यकता जताई। हालांकि पिपलाई इकाई अध्यक्ष वैद्य शंभूदयाल शर्मा ने कहा कि वर्तमान युग में इतनी जल्दी इन व्यवस्थाओं से छुटकारा संभव नहीं, लेकिन लोगों को सकारात्मक सोच के साथ इस दिशा में प्रयास करने चाहिए।
बिचपुरी इकाई अध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा ने संस्कृत शिक्षा के बढ़ावे पर जोर दिया। भांवरा इकाई के नंदकिशोर शर्मा ने बच्चों को संस्कारवान बनाने पर जोर दिया। लिवाली इकाई के विनोद बोहरा ने समाज की एकजुटता पर प्रकाश डाला। सुकार के सत्यनारायण शर्मा, लिवाली के वैद्य मदनलाल शर्मा, कोहली प्रेमपुरा के योगेश कुमार आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मंथन के बाद अगली तहसील स्तरीय मीटिंग के दौरान सर्वानुमति होने के बाद इनको समाज में लागू किया जाएगा। अगली मीटिंग के आयोजन की सहमति बामनवास इकाई अध्यक्ष मोहनलाल शर्मा ने दी। बामनवास में १५ जून को आगामी तहसील स्तरीय मीटिंग होगी।
Published on:
15 May 2019 01:09 pm
