
सवाईमाधोपुर के गंगापुर में संचालित प्रशिक्षण केन्द्र का निरीक्षण करते अधिकारी।
सवाईमाधोपुर. केन्द्र सरकार के स्किल इण्डिया कार्यक्रम के तहत देश भर में शुरू की गई प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेविवाई) के तहत अब फर्जीवाड़ा नहीं किया जा सकेगा। योजना के तहत फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए केन्द्र सरकार ने हाल ही में स्टेट पीएमकेविवाई योजना शुरू की है। इसके तहत अब प्रदेश में पीएमकेविवाई योजना के तहत संचालित होने वाले सभी प्रशिक्षण केन्द्रों पर मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी अब केन्द्र सरकार की ओर से राजस्थान कौशल आजीविका विकास निगम (आरएसएलडीसी) को दे दी गई है।
पहले प्रदेश में नहीं होती थी मॉनिटरिंग
2016 में शुरू की गई इस योजना की पूर्व में प्रदेश व जिला स्तर पर कोई मॉनिटरिंग नहीें की जती थी। केवल केन्द्र सरकार की ओर से योजना का संचालन किया जा रहा है। केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय कौशल आजीविका विकास निगम (एनएसडीसी)की ओर से ही योजना की मॉनिटरिंग की जाती थी। इसके लिए प्रशिक्षण शुरू होने से पूर्व एक बार और प्रशिक्षण के दौरान केवल एक बार एनएसडीसी टीम की ओर से प्रशिक्षण केन्द्र का निरीक्षण किया जाता था।
मिल चुक ी है फर्जीवाड़े की शिकायत
मॉनिटरिंग के अभाव में पूर्व में भी कई बार योजना के तहत संचालित प्रशिक्षण केन्द्रों पर फर्जीवाड़े की शिकायत मिल चुकी है। गत वर्ष गंगापुर में संचालित एक प्रशिक्षण केन्द्र के प्रशिक्षणार्थियों ने तत्कालीन जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर फर्जीवाड़े की शिकायत की थी। वहीं इस वर्ष नवम्बर मेंं भी खैरदा में प्रशिक्षण के नाम पर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया था।
पूर्व में योजना पर लगी थी रोक
प्रशिक्षण केन्द्रों पर गड़बड़ी के मामले उजागर होने के बाद करीब एक साल पहले योजना के तहत देश के कई राज्यों में संचालित प्रशिक्षण केन्द्रों पर केन्द्र सरकार ने रोक लगा दी थी। हालांकि फिर नए सिरे से प्रशिक्षण प्रदाताओं के साथ करार किए गए थे।
केन्द्र सरकार ने पीएमकेविवाई योजना की मॉनिटरिंग अब हमें सौंप दी है। अब आरएसएसलडीसी की निगरानी में ही प्रशिक्षण केन्द्रों का संचालन किया जाएगा।
राजकुमार मलिक, जिला कौशल समन्यवक, सवाईमाधोपुर
Published on:
27 Dec 2018 02:14 pm
