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Sawai Madhopur : आलनपुर में कब्रिस्तान भूमि पर विवाद, वक्फ कमेटी ने अतिक्रमण रोकने की मांग की

सवाईमाधोपुर के आलनपुर में कदीमी कब्रिस्तान की भूमि पर अतिक्रमण और सड़क निर्माण के आरोप लगे हैं। वक्फ कमेटी ने सम्भागीय आयुक्त को ज्ञापन देकर कब्रिस्तान की सुरक्षा, सीमांकन और पुरानी कब्रों को सुरक्षित रखने की मांग की है।

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Waqf Land Dispute

सवाईमाधोपुर संभागीय आयुक्त्त को ज्ञापन सौंपने पहुंचे लोग। फोटो: पत्रिका

सवाईमाधोपुर। जिला वक्फ कमेटी ने सम्भागीय आयुक्त भरतपुर को ज्ञापन सौंपकर आलनपुर स्थित कदीमी कब्रिस्तान की सुरक्षा और संरक्षण की मांग की है। मुस्लिम समाज ने आरोप लगाया कि कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध अतिक्रमण और सड़क निर्माण का कार्य करवाया जा रहा है, जिससे पुरानी कब्रें क्षतिग्रस्त हुई हैं और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका है। ज्ञापन में बताया कि राजस्व ग्राम आलनपुर के खसरा नम्बर 1726 तथा वर्तमान खसरा नम्बर 2868, 2872, 2864, 2865, 2866 आदि वक्फ गजट संख्या 234 में दर्ज हैं। इन भूमि का कुल रकबा 31 बीघा 12 बिस्वा बताया गया है।

समाज के लोगों का कहना है कि सेटलमेंट के दौरान गलत तरीके से कुछ खसरा नम्बर गैर मुमकिन रास्ता दर्ज कर दिए गए, जबकि मौके पर पहले कभी रास्ता मौजूद नहीं था। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कब्रिस्तान की भूमि पर लगातार अतिक्रमण की कोशिशें हो रही हैं। समाज के लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने तथा वक्फ सम्पत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस संबंध में सम्भागीय आयुक्त भरतपुर को ज्ञापन ,सौंपा गया।

अवैध निर्माण से हुआ नुकसान

गत 14 मई को जेसीबी मशीन से पेड़ और झाड़ियां उखाड़ने का कार्य किया गया। आरोप है कि इस दौरान पुरानी कब्रों को भी नुकसान पहुंचा। मौके पर पहुंचे समाज के लोगों ने इसका विरोध किया तो जेसीबी चालक वहां से चला गया। घटना के बाद मुस्लिम समाज में रोष व्याप्त हो गया।

ज्ञापन में बताया कि कब्रिस्तान, कर्बला और अन्य वक्फ सम्पत्तियों में किसी प्रकार का अवैध कार्य नहीं होना चाहिए। साथ ही अतिक्रमण करने वालों को पाबंद करने और कब्रिस्तान की पूर्व स्थिति कायम रखने की मांग की गई है। वक्फ कमेटी ने भूमि प्रबंध विभाग और राजस्व टीम से पुराने रिकॉर्ड तथा आधुनिक यंत्रों की सहायता से भूमि की पैमाइश करवाकर सीमाएं स्पष्ट करने की मांग भी उठाई है।

ईद से पहले समाधान की मांग

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 28 मई को ईद उल जुहा की नमाज ईदगाह में अदा की जाएगी, लेकिन ईदगाह के पास अतिक्रमण होने की बात कही गई है। इससे साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका है। समाज के लोगों ने प्रशासन से समय रहते समस्या का समाधान करवाने की मांग की है। इस मौके पर मोहम्मद अंसार, जहिर, साबिर अहमद, रियाजुद्दीन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।