
फोटो पत्रिका नेटवर्क
सवाईमाधोपुर। शहर के रैगर मोहल्ले में गुरुवार रात को आसमान से गिरी आकाशीय बिजली से अचानक इलाके में अफरा-तफरी मच गई। करीब 12 बजे हुए इस हादसे में दो मकानों की छतें पलभर में भरभराकर गिर गईं। धमाके की गूंज इतनी तेज थीं कि पूरा इलाका नींद से बाहर निकल आया। गनीमत रही कि परिवारजन उस समय पीछे के कमरों में सो रहे थे, वरना यह हादसा जानलेवा बन सकता था।
बिजली गिरने के बाद मोहल्ले में चीख‑पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया, जिससे परिजन पूरी रात खुले आसमान तले दहशत में गुजारने को मजबूर हो गए। गरज‑चमक के बीच बिजली सीधे रमेश चंद रैगर पुत्र सोहन लाल रैगर और कल्याणमल पुत्र किशन लाल के मकानों पर गिरी।
परिजनों ने बताया कि वे पीछे वाले कमरों में सो रहे थे। अचानक गड़गड़ाहट और मलबे की आवाज़ सुनकर सभी बदहवास हालत में बाहर की ओर भागे। जिस हिस्से की छतें गिरीं, वहां कोई मौजूद नहीं था, वरना हादसा जानलेवा साबित होता। दहशत इतनी गहरी थी कि प्रभावित परिवारों ने पूरी रात घर से बाहर खुले में गुजारी।
दोनों परिवारों के आशियाने पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घरेलू सामान भी मलबे में दबकर नष्ट हो गया। सुबह होते ही आस‑पड़ोस के लोग मौके पर जमा हो गए और पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवज़ा देने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्राकृतिक आपदा पीड़ित परिवारों के लिए बेहद कठिन समय लेकर आई है। प्रशासन से तुरंत राहत और मुआवजे की मांग की जा रही है। मोहल्ले में अब भी दहशत का माहौल है और लोग बिजली गिरने की आशंका से सहमे हैं।
सवाई माधोपुर में गुरुवार शाम को मौसम बदल गया। देर रात बारिश का दौर शुरू हुआ, जो शुक्रवार सुबह तक रुक-रुक कर जारी रहा। बारिश के दौरान आसमान में काले बादल छाए रहे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम में ठंडक घुल गई। लगातार हो रही बारिश और सुबह चली ठंडी हवाओं से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली। पिछले कई दिनों से पड़ रही गर्मी के बीच मौसम में आए इस बदलाव ने लोगों को राहत पहुंचाई। सुबह का मौसम काफी खुशनुमा रहा और तापमान में कमी महसूस की गई।
Updated on:
05 Jun 2026 07:44 pm
Published on:
05 Jun 2026 07:44 pm
