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सवाईमाधोपुर. सरकारी व निजी स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे है। करीब दो महीने पहले शिक्षा निदेशालय ने जिले के सरकारी व निजी स्कूलों से स्कूल सुरक्षा संबंधित रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन अब तक गिने-चुने स्कूलों ने ही सुरक्षा प्लान की रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में भेजी है। शेषसरकारी व निजी स्कूलों की सुरक्षा योजना अब तक शिक्षा विभाग को नहीं सौंपी है।
शिक्षा निदेशालय की ओर से बच्चों के स्कूल में प्रवेश से लेकर उसकी छुट््टी होने तक के संदर्भ में पूरी विस्तृत योजना मांगी गई थी। इसके बावजूद अभी भी सरकारी व निजी स्कूलों ने ध्यान नहीं दिया है। संस्था प्रधान रिपोर्ट भेजनी में रूचि नहीं दिखा रहे है। सवाईमाधोपुर, खण्डार, चौथकाबरवाड़ा, बौंली, बामनवास, गंगापुरसिटी ब्लॉक में चार सौ निजी माध्यमिक व उच्च माध्यमिक संचालित है।
इसी प्रकार 278 राजकीय माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय है। इसमें प्रारंभिक व माध्यमिक दोनों ही श्रेणी के स्कूल शामिल है। निदेशालय के फरमान आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षण संस्थानों से सुरक्षा के संदर्भ में योजना बनाकर दिए जाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन नतीजा सिफर रहा। सरकारी स्कूलों में संस्था प्रधानों की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है जबकि निजी स्कूलों में करीब 200 स्कूलों ने स्कूल सुरक्षा योजना की रिपोर्ट भेजी है।
इनकी योजना बनाकर देनी थी सूचना
स्कूल परिसर की स्थिति, मुख्य गेट पर सुरक्षाकर्मी कितने और कहां रहते है। परिसर के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए है।
ऊपरी मंजिल पर भी कक्षाएं लगती है तो जाने के दौरान सुरक्षा की स्थिति, सीढिय़ों की बनावट फिसलनदार तो नहीं है। कैमरे कक्षा-कक्ष के साथ अन्य कक्षों आदि में लगे हैं या नहीं।
स्कूल से छुट््टी होने के बाद उनको ले जाने वाली बालवाहिनी निर्धारित मापदंड अनुसार है या नहीं, उसमें प्राथमिक उपचार की व्यवस्था है या नहीं। चालक दक्ष या नहीं। इन बिंदुओं पर योजना बनाकर देनी थी।
ये है जिले में स्कूलों की स्थिति
जिले में राजकीय माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूल 278
जिले में राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल 735
जिले में कुल निजी स्कूल 700
इसलिए देनी थी सूचना
पूर्व में दिल्ली इलाहाबाद, वाराणासी, अहमदाबाद, मुम्बई आदि शहरों में विद्यालयों की ओर से समुचित सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से बच्चों को घटनाओं का शिकार होना पड़ा। देश में हुई तमाम घटनाओं को ध्यान में रखते हुए बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए निदेशालय ने उच्च स्तर पर इस विषय पर दर्जनों बैठकों के बाद दिशा-निर्देश जारी किए। इसमें बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द योजना बनाने के आदेश जारी किए गए थे।
Published on:
28 Aug 2018 06:05 pm
