
सवाईमाधोपुर चकचैनपुरा में अधूरी पड़ी पेयजल टंकी।
सवाईमाधोपुर. जलदाय विभाग की अनदेखी से चकचैनपुरा स्थित पेयजल टंकी का निर्माण लम्बे समय से बंद पड़ा है। जलदाय विभाग के अधिकारी भले ही जून तक पेयजल टंकियों का निर्माण करवाकर शहरवासियों की प्यास बुझाने के दावे कर रहा है लेकिन इन दिनों ये दावे खोखले साबित हो रहे है। जलदाय विभाग व ठेकेदारों की अनदेखी से जिला मुख्यालय पर अब तक पांच पेयजल टंकियों का निर्माण कार्य चालू नहीं हो सका है, जबकि दरअसल, शहरवासियों की पेयजल किल्लत की समस्याओं को दूर करने के लिए जलदाय विभाग की ओर से पुर्नगठित शहरी जल योजना के तहत शहर में अलग-अलग छह स्थानों पर पेयजल टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए दो करोड़ 70 लाख रुपए खर्च होंगे लेकिन शहर में हालात कुछ और ही नजर आ रहे है। अधिकारियों की अनदेखी से कई स्थानों पर पेजयल टंकियों का निर्माण अधूरा पड़ा है। वहीं जिन स्थानों पर पेयजल टंकिया का निर्माण होना है, वहां पर नींव खुदाई व ढांचा भी तैयार नहीं हो सका है।
अधूरा पड़ा ढांचा
जिला मुख्यालय पर चकचैनपुरा स्थित बीएसएनएल कॉलोनी के पास उच्च जलाशयों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए ढांचा तैयार हो चुका है लेकिन पिछले कई दिनों से पेयजल टंकी का काम बंद पड़ा है। जानकारी के अनुसार यहां करीब 20 दिन से लेबर नहीं आ रही है। ठेकेदार व लेबर के बाहर जाने से काम बंद पड़ा है। पिछले दिनों उच्च जलाशय निर्माण के दौरान यहां एक दर्जन से अधिक लेबर कार्य में लगी थी। लेकिन अब लेबर की चहल-पहल नहीं है और अधूरा टंकी का ढांचा ही तैयार खड़ा है।
बढ़ रहा जल संकट
इधर, गर्मी के प्रकोप के चलते शहर में पानी की किल्लत भी नजर आने लगी है। कई कॉलोनियों में तो नलों से पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं टपक रहा है। ऐसे में दूसरे विकल्पों स्थानों से ही महिलाएं पानी भरने को मजबूर है।
Published on:
15 Apr 2019 03:20 pm
