
18 करोड़ पर हड़ताल का ताला, कल से ढर्रे पर लौटेगा काम
गंगापुरसिटी . प्रदेश में आई हड़ताल की आंधी ने कार्यालयों के कामकाज को ठप सा कर दिया है। हड़ताल के कारण खुद कर्मचारी भी तनख्वाह को तरस गए हैं। कार्मिकों के वेतन सहित अन्य निर्माण कार्यों के करीब १८ करोड़ के भुगतान पर ‘हड़ताल’ का ताला लगा रहा। शनिवार को आदर्श आचार संहिता लगने पर अब कर्मचारी सोमवार से कार्यालयों में लौटेंगे। इसके बाद ही हड़ताली ताला खुल सकेगा। बाबूओं के हड़ताल पर रहने से उपकोष कार्यालय में बिल नहीं पहुंचे। ऐसे में राशि अटककर रह गई।
उपकोष कार्यालय से हर माह कर्मचारियों के वेतन और विभिन्न निर्माण कार्यों का २० करोड़ रुपए का भुगतान होता है। इसके लिए विभिन्न विभागों के उपकोष कार्यालय में हर माह ९००-१००० तक बिल पहुंचते हैं, लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के चलते १ से ५ अक्टूबर तक इन बिलों की संख्या महज सवा सौ के करीब ही रही। उपकोष कार्यालय में पहुंचे इन बिलों के हिसाब से महज दो करोड़ की राशि का ही भुगतान बन रहा है। बाकी १८ करोड़ रुपए बिल नहीं पहुंचने के कारण अब तक अटके ही हैं।
अब कर्मचारियों के हड़ताल पर लौटने से ८ अक्टूबर से बिल पहुंचने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। मुख्य रूप से चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग के बिलों का भुगतान सर्वाधिक होता है, लेकिन इन विभागों से नाम मात्र के बिल ही पहुंचे। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी एवं ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से भी अभी बिल नहीं पहुंच सके हैं। बीईईओ कार्यालय से महज अभी तक एक दर्जन बिल ही पहुंचे हैं, जबकि इनकी संख्या काफी होती है। अब तक पहुंचे बिलों में कृषि एवं सिंचाई विभाग की संख्या सर्वाधिक है, जिन विभागों के आहरण-वितरण अधिकारी हड़ताल पर नहीं हैं। वहां से बिल उपकोष कार्यालय पहुंच रहे हैं।
बिना आश्वासन काम पर लौटेेंगे कार्मिक
मंत्रालयिक कर्मचारियों समेत अन्य विभागों के कार्मिक अब सोमवार से काम पर लौटेंगे। पिछले कई दिन से हड़ताल पर रहे कार्मिक अब विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने पर बिना आश्वासन के खुद ही काम पर लौटेंगे। ऐसे में अब सरकारी कार्यालयों के कामकाज का ढर्रा पुन: पटरी पर लौटेगा।
फैक्ट फाइल
९००-१००० बिल हर माह पहुंचते हैं।
३०० बिल आते हैं १ से ५ तारीख के बीच
११२ बिल पहुंचे हैं अभी तक उपकोष कार्यालय
२० करोड़ का भुगतान होता है हर माह
२ करोड़ ही जारी होंगे अब तक पहुंचे बिलों से
इस मामले में उप कोषाधिकारी गंगापुरसिटी महेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि अभी तक बिल काफी कम आए हैं। हर माह करीब २० करोड़ का भुगतान तनख्वाह एवं निर्माण कार्य आदि का होता है। हड़ताल का असर इस पर देखा गया है। जहां आहरण-वितरण हड़ताल पर नहीं हैं। वहां से बिल आ रहे हैं।
मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जगदीश सिंधी ने कहा कि आचार संहिता लागू होने पर अब कर्मचारी स्वत: ही काम पर लौटेंगे। सोमवार से कार्यालयों में कामकाज शुरू कर दिया जाएगा। आचार संहिता के बाद कर्मचारी बिना किसी आश्वासन के काम पर लौटे हैं।
Published on:
07 Oct 2018 10:58 am
