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बच्चों का भविष्य संवारने विदेश गया था इकराम

बच्चों का भविष्य संवारने विदेश गया था इकराम
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 बच्चों के साथ मृतक की पत्नी मोइना।

पति की मौत के बाद अपने बच्चों के साथ मृतक की पत्नी मोइना।

मलारना डूंगर. बच्चों का भविष्य संवारने के लिए देश व परिवार को छोड़ विदेश में मेहनत मजदूरी करने गए इकराम को क्या पता था कि जिस कम्पनी में मेहनत-मजदूरी कर वह बच्चों का भविष्य संवारने के सुनहरे सपने देख रहा है। उसी कम्पनी का रोड रोलर उसकी सांसों के साथ सपनों को भी चकनाचूर कर देगा।
गुरुवार 11 अप्रैल दोपहर डेढ़ बजे भारतीय समय अनुसार लगभग शाम 4 बजे इकराम उर्फ काडू (42) पुत्र अकबर उर्फ अखबार अली निवासी मलारना डूंगर सऊदी अरब के नजरान शहर में सड़क निर्माण कार्य में लगा था। इस दौरान रोड रोलर की चपेट में आ गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे का पता चलने पर नजरान शहर की स्थानीय पुलिस घटना स्थल पर पहुंची। जहां शव को कब्जे में कर सरकारी अस्पताल के मुर्दा घर में रखवाया गया।


दुनिया उजड़ गई
हादसे के बाद गुरुवार शाम 6 बजे इकराम के साथ काम करने वालों ने परिजनों को हकीकत बताई तो इकराम की पत्नी मोइना के पैरों तले जमीन खिसक गई। पति की मौत की खबर सुनते ही जोर से एक चीख निकली और बेहोश होकर गिर गई। चीख की आवाज सुन कर पड़ोस की महिलाएं मोइना के पास पहुंची। परिवार के अन्य सदस्यों से माजरा पूछा तो तसल्ली देने गई महिलाओं के भी आंसू निकल आए। जैसे-तैसे इन महिलाओं ने पहले खुद को सम्भाला। फिर मोइना को सहारा दिया। अपनी दुनिया उजड़ती देख मोइना बार-बार बेहोश होती रही। उधर अपने पिता की मौत से बेखबर खेल में मशगूल मासूम बच्चों को जब अपने पिता की खबर मिली तो सन्न रह गए। पहले तो यकीन ही नहीं हुआ। जैसे जैसे कस्बे वासियों को घटना का पता चला। लोग इकराम के परिवार को तसल्ली देने पहुंचते रहे।


17 फरवरी को वापस गया था
इकराम बीते पांच वर्षों से सऊदी अरब में मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहा था। हाल ही में परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के बाद 17 फरवरी 2019 को वापस सऊदी अरब गया था। नजरान शहर में अल हमरूर कंस्ट्रक्शन नाम की एक कम्पनी में मजदूरी करता था। इसकी एवज में 8 सौ रियाल मजदूरी मिलती थी। इसी में खुद के खाने-पीने के खर्च के साथ किसी तरह परिवार का खर्च चल रहा था, लेकिन किसी को क्या पता था कि इकराम के परिवार के सिर से सरपरस्त का साया उठ जाएगा। परिवार बेसहारा हो जाएगा।


पत्नी व तीन नाबालिग बेटे
सऊदी अरब में हादसे में जान गंवाने वाले इकराम के परिवार में अब तीन नाबालिग बेटों की परवरिश का जिम्मा पत्नी मोइना बानो के कांधों पर आ गया है। बड़ा बेटा असलान (16) कक्षा 12वीं में पढ़ता है। इससे छोटा अयान (12) कक्षा 8 व सबसे छोटा बेटा अमन (9) वर्ष का है। तीनों बेटे पढ़ाई करते हैं। अब परिवार के पालन-पोषण के लिए कोई रोजगार नहीं है।

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