सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर बाघ परियोजना में अनियमितता पर लगाम लगने का नाम नहीं ले रही है। भले ही वन विभाग की ओर से मॉनिटरिंग व टे्रकिंग के कितने ही दावे किए जाए लेकिन हकीकत में वन विभाग के अपने जंगल की सुरक्षा का भान तक नहीं है। इसी के चलते रणथम्भौर में अवैध घुसपैठ लगातार जारी है। इसका एक ताजा मामला मंगलवार को सामने आया है। जानकारी के अनुसार रणथम्भौर की खण्डार रेंज से दो युवक रविवार को अवैध तरीके से क्रीटिकल टाइगर हैबिटाट (सीटीएच) वन क्षेत्र में घुस गए। इतना ही नहीं दोनों व्यक्ति जंगल के रास्ते ही खण्डार रेंज से होते हुएआरोपीटी रेंज और फिर कुण्डेरा रेंज के बैरदा वन क्षेत्र तक जा पहुंचे। इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी इस पूरे मामले की वन विभाग के अधिकारियों को कोनो कान खबर तक नहीं लगी। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग को पूरे मामले की जानकारी तब हुई जब सुबह वन क्षेत्र में अवैधरूप से घुसने वाले युवक के साथी ने ही वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम को मौके पर युवक के फटे हुए कपड़े नजर आए। वन अधिकारियों ने बताया कि बैरदावनक्षेत्र में ही युवक का क्षत विक्षत शव भी मिला है। वन विभाग की ओर से शव को पुलिस के सुपुर्द किया गया है । वन अधिकारियों की माने तो व्यक्ति की मौत किसी वन्यजीवके हमले में हुई है।
जंगल में ही बनाया खाना और जंगल में ही सोए
वन अधिकारियों ने बताया कि दो व्यक्ति रामदयाल पुत्र रामनारायण (60) व गोक ल पुत्र किशन माली रविवार रात को खण्डार रेंज से जंगल में घुसे और फिर बोदलहोते हुए कुण्डेरा रेंज तक पहुंचे।इस दौरान करीब तीन दिनों तक दोनों युवक जंगल में ही रहे।दोनों युवकों ने वन क्षेत्र में ही खाना पकाया और फिर जंगल में ही रात गुजारी। वन विभाग की माने तो जब मंगलवार सुबह गोक लपुत्र किशन माली की आंख खुली तो रामदयाल मौके पर नहीं था।इसके बाद उसके वन विभाग को सूचना दी।
जड़ीबूटी लेने गए थे जंगल में
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दोनोंं व्यक्ति शतावरी नाम की जड़ीबूटी को लेने के लिए अवैध रूप से जंगल में घुसे थे। तीन दिनों तक दोनों जंगल की खाक छानते रहे और अब मंगलवार को सुबह युवक की फटे कपड़े मिलने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की नजर में मामला आ सका है। गौरतलब है कि रणथम्भौर में शताबरी जड़ीबूटी की तस्करी के मामले पहलेभी सामने आ चुके है।पूर्व मेंफलौदी रेंज में वन विभाग की टीम ने शतावररी से भरा एक ट्रक जप्त किया था।
टे्रकिंग व मॉनिटरिंग फिर से सवालों के घेरे में
वन विभाग की नाक के नीचे दो व्यक्तियोंं के अवैध तरीके से रणथम्भौर बाघ परियोजना के वन क्षेत्र में प्रवेश करने ,तीन दिनों तक जंगल में घूमने और फिर बैरदा वन क्षेत्र में एक युवक के फटे हुए कपडे मिलने के बाद वन विभाग की मॉनिटरिंग, गश्त व टे्रकिं ग अब फिर से एक बार सवालों के घेरे में आ गई है। बड़ा सवाल यह उठता है कि वन अधिकारियों, वनकर्मियों व अन्य स्टॉफ होने के बाद भी दोनों युवक कैसे वनक्षेत्र में प्रवेश कर गए। इतनाही नहीं ये दोनों युवक जंगल के रास्ते ही खण्डार रेंज से बैरदा वनक्षेत्र तक भी जा पहुंचे। ऐसे में वन विभाग के ट्रेकिंग व मॉनिटरिंग के दावे एक बार फिर से खोखले साबित हो रहे हैं।
परिजनों ने किया शव लेने से किया इंकार
मृतक रामदयाल का जंगल में शव मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने शव को दोपवहर करीब पौने तीन बजे खण्डार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचाया। इसके बाद चिकित्सकों ने करीब 3 बजकर 20 मिनट पर शव का पोस्टमार्टम कि या। इसके बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से शव को परिजनों के सुपुर्द करने का प्रयास किया गया। लेकिन परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया और परिजन मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़ गए इसके बाद सूचना पर वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व परिजनों की समझाइश का प्रयास किया।
इनका कहना है…
दो जने अवैध रूप से जड़ीबूटी लेने के जंगल में खण्डार क्षेत्र की ओर से घुसे थे। इनमें से एक व्यक्ति फिलहाल हमारी हिराासत में है। जबकि एक का शव मिला है। शव को पुलिस को सौंप दिया गया है। प्रथम दृष्टया मौत का कारण वन्यजीव का हमला ही प्रतीत हो रहा है।
– मोहित गुप्ता, उपवन संरक्षक, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।